उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या और वाराणसी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना तैयार की है. इस योजना के तहत, इन दोनों पावन शहरों में नाव सवारी और एडवेंचर वॉटर एक्टिविटीज़ की सुविधाओं को बढ़ाने की योजना बनाई गई है. सरकार जल्द ही चार स्पेशल रूप से डिज़ाइन की गई इलेक्ट्रिक नावों को सेवा में लाने जा रही है.
सरकार के अनुसार, अयोध्या में सरयू नदी के नयाघाट से एक वातानुकूलित यानी एयर कंडीशन्ड 50 सीटों वाली इलेक्ट्रिक नाव और 30 सीटों वाली दो इलेक्ट्रिक नावें चलाई जाएंगी. वहीं, वाराणसी में एक वातानुकूलित 50 सीटों वाली इलेक्ट्रिक नाव उपलब्ध कराई जाएगी. यह सभी नावें cutting-edge technologies से लैस होंगी और पर्यावरण के अनुकूल होंगी.
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, गैर-वातानुकूलित नावों के लिए एफआरपी यानी फाइबर रिइनफोर्स्ड प्लास्टिक कैटमरन पतवार का उपयोग किया जाएगा, जबकि एसी नावों में स्टील कैटमरन पतवार का उपयोग किया जाएगा. इससे इन नावों की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम इन नावों के संचालन और घाटों पर चार्जिंग की सुविधाओं का इंतजाम करेगा. शुरुआत में, इन नावों का संचालन 10 साल की लीज़ पर किया जाएगा, और इसका पालन अंतरराष्ट्रीय मानकों, पर्यटन विभाग के नियमों, और इनलैंड वेसल्स एक्ट के अनुसार ही किया जाएगा. इन नावों के संचालन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और इसमें एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के नियमों का भी पालन किया जाएगा.
सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटकों को नई और रोमांचक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना से अयोध्या और वाराणसी में आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुभव मिलेगा, बल्कि वे इन नए आकर्षणों का भी आनंद ले सकेंगे. इससे दोनों शहरों में पर्यटन का विकास होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.