सीएम योगी का दावा है कि यूपी में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है. ऐसे में अधिकारीयों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं और उनके अधिकारी भी योगी की उम्मीदों पर खरे उतरें. इसी बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ SSP विपिन ताडा ने बड़ा एक्शन लिया और एक झटके में 10 पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया है.
मामला परतापुर थाने का है, जहां SSP ने थाने में तैनात 10 पुलिसवालों को लाइन हाजिर कर दिया. दरअसल विपिन टाडा ने ये एक्शन उन तमाम आरोपों के बाद लिया है जो सिपाहियों पर लग रहे थे. बता दें कि सिपाहियों पर आरोप लगे हैं कि इलाके में रिश्वतखोरी, वसूली के मामले लगातार बढ़ गए हैं. SSP को जब मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने गोपनीय जांच के आदेश दिए इसके बाद बड़ी कार्रवाई की.
बता दें कि 2012 बैंच के आईपीएस विपिन टांडा को अभी हाल ही में मेरठ का एसएसपी नियुक्त किया गया था. अभी तक विपिन टांडा की तैनाती मेरठ जोन के सहारनपुर जिले में थी. लेकिन योगी सरकार ने जब अधिकारीयों के ताबड़तोड़ तबादले किए तो उसमें विपिन टांडा का भी नाम था. विपिन टांडा को उनके काम के लिए जाना जाता है.
यहां तक कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ट्वीट करके उनकी तारीफ कर चुके हैं. उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो वे बागपत के पूर्व सांसद एवं मुंबई के पूर्व कमिश्नर सतपाल सिंह के दामाद हैं, जो एक बार फिर इस एक्शन के बाद सुर्ख़ियों में छाए हुए हैं.
एसएसपी विपिन टांडा मूल रूप से जोधपुर के राजस्थान के रहने वाले हैं और पिता मच्छी राम पेशे से वकील हैं. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि विपिन ने टांडा बेसिक शिक्षा छोटे से स्कूल में हासिल की और वो डॉक्टर बनना चाहते थे. वे 2002 में पहले ही प्रयास में एमबीबीएस के लिए सलेक्ट हो गए. इसके बाद राजस्थान के एक गांव में सरकारी अस्पताल में चिकित्साधिकारी बने, जहां 8 महीने तक रहे.
इस दौरान उन्होंने 2011 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए उनका सलेक्शन हो गया था और 2012 में आईपीएस अफसर बन गए. जब योगी सरकार ने तबादला किया तो तमाम सवाल उठे थे. लेकिन मेरठ में तैनाती के बाद से विपिन टांडा जिस तरह एक के बाद एक एक्शन ले रहे हैं उसे देखकर जानकर दावा कर रहे हैं कि योगी सरकार ने बहुत सोच समझ कर फैसला लिया है.