नई दिल्ली: INDIA गठबंधन के नेताओं द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 14 दोष (डिफेक्ट्स) चिन्हित किए हैं. याचिका अभी सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं हुई है. रजिस्ट्री ने बताया कि वकीलों के प्राधिकार पत्र (वकालतनामा) गायब या बिना हस्ताक्षर के हैं. याचिकाकर्ताओं में से 3 से 11 नंबर तक के नेताओं सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, एमए बेबी, डी राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ईटी मोहम्मद बशीर के वकालतनामे अधूरे पाए गए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की स्पष्ट कॉपी मांगी गई है. सहायक दस्तावेज अस्पष्ट हैं और कोर्ट फीस 220 रुपए कम जमा हुई है. रजिस्ट्री ने यह भी स्पष्टीकरण मांगा है कि आर्टिकल 32 के तहत दायर रिट याचिका में चुनाव आयुक्तों को निजी प्रतिवादी क्यों बनाया गया.
याचिका में चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और दो अन्य आयुक्तों को प्रतिवादी बनाया गया है. इसमें SIR की स्वतंत्र ऑडिट, मतदाता हटाने पर रोक और पारदर्शिता की मांग की गई है. पंजाब में 20.66 लाख नाम कटने का हवाला देकर तत्काल सुनवाई की अपील की गई है. ये आपत्तियां सिर्फ फाइलिंग संबंधी हैं, याचिका के मेरिट पर कोई फैसला नहीं है. CJI सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध ठुकराए जाने के बाद सोमवार को यह याचिका दायर की गई थी.