हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर में बादल फटने के बाद राहत व बचाव कार्य अभी भी जारी है. राज्य मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई है और 49 लोग अभी भी लापता हैं. मुख्यमंत्री ने सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की है. उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने की कोशिश की, लेकिन खराब मौसम की वजह से यह संभव नहीं हो सका. कुल्लू, शिमला और मंडी जिले आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 49 लोग लापता हैं और 4 लोगों की मौत हो गई है. संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है. पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है. जब तक हम सभी लापता लोगों को नहीं ढूंढ लेते, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि राज्य मंत्री जगत सिंह नेगी घटनास्थल पर हैं और एनडीआरएफ, सेना आदि सक्रिय रूप से बचाव और तलाशी अभियान चला रहे हैं.
बचाव और राहत अभियान जोरों पर है. सीएम ने कहा कि मैं उस स्थान पर जा रहा हूं जहां से सबसे ज्यादा लोग लापता हैं. अगर सूरज की रोशनी निकलती है, तो बचाव अभियान और भी तेजी से चलाया जा सकता है. हम शवों को तभी बरामद कर सकते हैं जब सूरज की रोशनी निकले. फिलहाल करीब 49 लोग लापता हैं. हमारा मौजूदा मकसद मलबे में फंसे 4 लोगों को बचाना और शवों को बरामद करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पर्यटकों से अनुरोध करता हूं कि वे झरनों और नदियों के पास न जाएं. जीर्णोद्धार कार्य कर रहे जेसीबी चालक अजय कुमार ने बताया कि भूस्खलन के कारण इस क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है. कल बादल फटने के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं. हम सड़क की मरम्मत करने का प्रयास कर रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शी नरेश कुमार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि कल रात हुई घटना में हमारे कुछ रिश्तेदारों की जान चली गई.
उन्होंने बताया कि करीब 38-40 लोग अभी भी लापता हैं, मैं सरकार से अपील करना चाहता हूं कि आपदा के कारण पीड़ित लोगों के लिए प्रावधान किए जाएं. बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट करम सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर बादल फटा, उसके आसपास करीब 20-25 घर, एक बिजली संयंत्र और एक डिस्पेंसरी थी. अनुमान है कि 40 से अधिक लोग बह गए हैं. एनडीआरएफ की दो टीमें यहां तैनात की गई हैं.
एनडीआरएफ भारतीय सेना, सीआईएसएफ, आईआरबीपी, सिविल पुलिस, एसडीआरएफ और स्वयंसेवकों के साथ समन्वय कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि तलाशी अभियान जारी है. यहां शवों का पता लगाया गया है. हमारे पास उपकरण और तकनीक है और हम लोगों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
इस बीच हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुसार, डीजीपी ने प्रभावी आपदा न्यूनीकरण के लिए संचार और निगरानी उपकरणों की खरीद और राज्य आपदा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की समीक्षा की है. सैटेलाइट फोन, ड्रोन और परिचालन दिशा-निर्देशों के लिए प्रमुख निर्देश जारी किए गए.