इंदौर/नई दिल्ली: बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है. कंपनी का आरोप है कि सिंह के बयान से उनकी ब्रांड इमेज और शेयर वैल्यू दोनों को नुकसान पहुंचा. मामला उस बयान से जुड़ा है, जिसमें बृजभूषण शरण सिंह ने साल 2022 में सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी को ‘नकली’ बताया था.
उन्होंने लोगों से घर में गाय या भैंस पालने और शुद्ध घी बनाने की अपील भी की थी. कंपनी का कहना है कि यह बयान व्यापक स्तर पर प्रसारित हुआ, जिससे उत्पादों की साख और आर्थिक नुकसान दोनों हुआ. मुकदमा पहले जिला अदालत में दायर किया गया था. बाद में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को लेकर विवाद होने पर मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया. मंगलवार (15 सितंबर) को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
सिंह की ओर से वकील ने वकालतनामा पेश किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. अदालत ने अगली तारीख 18 सितंबर तय कर दी है. पतंजलि फूड्स का कार्यालय इंदौर के विजय नगर में है, इसलिए मुकदमा यहीं दायर किया गया. कंपनी के अधिवक्ता विक्रम मालवीय के अनुसार, सिंह के बयान से न सिर्फ ब्रांड को नुकसान पहुंचा, बल्कि शेयर बाजार में भी असर दिखा.
पुरानी है दोनों की रार
बृजभूषण शरण सिंह और पतंजलि समूह के बीच विवाद नया नहीं है. 2022 से ही दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बयानबाजी करते रहे हैं. अगस्त 2026 में भी सिंह ने देश में मिल रहे कथित मिलावटी घी और पतंजलि उत्पादों पर सवाल उठाए थे. इससे अलग, 2025 में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि घी के नमूने मानकों के अनुरूप न मिलने पर कंपनी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था. अब हाईकोर्ट में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं. 18 सितंबर की सुनवाई में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.