नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका नागरिक ठिकानों, स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है. पेजेशकियान ने साफ कहा कि ईरान कभी घुटने नहीं टेकेगा और अगर धक्का दिया गया तो जवाब भी देगा.
भारत में ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने आए पेजेशकियान ने धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों और व्यापारियों के बीच भाषण देते हुए कहा, “अगर अमेरिकी योद्धा हैं तो हमारी बहादुर सेना से लड़ें. नागरिक बुनियादी ढांचे, भोजन आपूर्ति और आजीविका पर हमला क्यों कर रहे हैं? अगर वे इंसान हैं तो लोगों को पानी, खाना और दवाइयों से क्यों वंचित कर रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा, “हमारा देश अमेरिका और इजरायल के आगे सफलतापूर्वक खड़ा रहा है. हम सच्चाई और न्याय की तलाश में हैं, इसलिए धौंस और अहंकार के आगे नहीं झुकेंगे. ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा.”
ब्रिक्स में बहुपक्षीयता की अपील
पेजेशकियान ने ब्रिक्स नेताओं के बीच भी एकतरफा रवैये की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र चार्टर देशों को अवैध बल प्रयोग से नहीं बचा सकता और अंतरराष्ट्रीय नियम कुछ के लिए बाध्यकारी हैं तो सच्ची बहुपक्षीयता की बात नहीं की जा सकती. उन्होंने गाजा और लेबनान के नागरिकों की पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिक्स को नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों के सामान्यीकरण के खिलाफ खड़ा होना चाहिए.
उन्होंने मिनब स्कूल पर हुए हमले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसमें 168 निर्दोष बच्चे शहीद हुए. पेजेशकियान ने जोर दिया कि कोई भी देश अपने क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देश को धमकाने या हमला करने के लिए नहीं कर सकता. ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और पश्चिम एशिया की स्थिति तथा द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की. उनके इन बयानों ने ब्रिक्स समिट के दौरान अंतरराष्ट्रीय तनाव और ईरान-अमेरिका रिश्तों पर फिर से चर्चा छेड़ दी है.