नई दिल्ली: कैराना के नोमान इलाही ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है, उसने बताया है कि पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना से उसका संपर्क था, जिसके बाद इकबाला काना की फाइल पढ़ने में बड़े-बड़े अधिकारी लग जाते हैं, और उन फाइलों से जो पता चलता है, वो हैरान करने वाला था, ये जानकारी मिलती है कि ये बीते दो दशक से हिंदुस्तान में कई जासूसों को तैयार कर चुका है. इसने सहारनपुर जिले की एक अफगान लड़की से शादी की थी, इसके दो बच्चे भी थे, लेकिन बाद में इसने बीवी को तलाक दिया तो पिता ने घर से निकाल दिया, ये शुरू से ही अवैध कामों में लिप्त था, लेकिन एक घटना ने इसे पाकिस्तान पहुंचा दिया, वो घटना क्या थी, उस पर आएं उससे पहले इसकी कैराना वाली कहानी समझिए.
“कैराना के सरावज्ञान मोहल्ले में इसका परिवार रहता था, पिता हाजी इकबाल सब्जी और फलों की ठेली लगाते, तीन बच्चों में ये दूसरे नंबर पर था. 90 के दशक में ये गठरी व्यवसाय से जुड़े लोगों का पासपोर्ट बनाने लगा. उसी दौरान कई महिलाओं और पुरुषों को इसने अपने खर्च पर पाकिस्तान भेजा, वहां से वो पहले कपड़े और मिर्जा चप्पल मंगाता, जबकि भारत से ये लोग पान, कत्था और सुपारी ले जाते, इसी आड़ में सोने और हथियारों की भी सप्लाई होने लगी”.
इसका खुलासा तब हुआ जब दिल्ली में इसके भेजे करीब 361 अवैध सामान पकड़ लिए गए, कहा जाता है उसके बाद ये पाकिस्तान भाग गया, और वहां के पंजाब प्रांत में इसने इत्र का कारोबार शुरू कर दिया है, इसी दौरान वहां रहने वाले हिंदुस्तान के दुश्मनों से इसने हाथ मिला लिया, पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी ISI के एजेंट जो भारत के गली-गली से वाकिफ व्यक्ति को ढूंढते रहते हैं, उन लोगों ने इसका इस्तेमाल यूपी के अलग-अलग जगहों के बारे में जानने के लिए किया, इसे जासूस तैयार करवाने की ट्रेनिंग दी, और इसने कैराना समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में कई युवाओं को बरगलाकर अपने साथ जोड़ा. जिसकी जानकारी तब मिली जब
17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर एक घटना हुई, किसी की जान नहीं गई, पर सलीम टुइंया और कफील नाम के आरोपियों को NIA ने जब पकड़ा तो उन्होंने बताया कि ये इकबाल काना का आदेश था.
इकबाल काना के अलावा कैराना का दिलशाद मिर्जा और शाहिद भी पाकिस्तान में है, वहां की हमिदा ऊर्फ फेमिदा भी वहीं छिपी हुई है
16 अगस्त 2024 शामली के कलीम और उसके भाई तहसीम को जब यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया तो उनका भी लिंक इकबाल काना से मिला
अब नोमान इलाही का संपर्क भी इकबाल काना से मिला है, जिसे लेकर शामली के एसपी रामसेवक गौतम कहते हैं पानीपत पुलिस और शामली पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाएगी, पता ये भी चला है कि कैराना के कई लोगों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में है, और बंटवारे के बाद इनका आना-जाना भी लगा रहा है, जिनमें से कुछ लोगों को पाकिस्तान ने अपने एजेंट के तौर पर इस्तेमाल किया, लेकिन संकट ये है कि अगर कोई पुलिस ऑफिसर सरकार से परमिशन लेकर पाकिस्तान जाए भी तो वहां की सरकार, आर्मी और ISI उन्हें झूठे केस लगाकर जेल में डाल देगी, क्योंकि पाकिस्तान की हालत ये है कि वहां की सरकार आम जनता को एक बार को सता सकती है पर भारत के दुश्मनों को भारत को नहीं सौंप सकती, वो हमेशा उनका साथ देती है.
जिसके बाद सवाल उठता है कि क्या सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेगी और इकबाल काना जैसे लोग नोमान इलाही जैसे लड़कों को अपने साथ जोड़ते रहेंगे, जो देश की खुफिया जानकारियां पाकिस्तान पहुंचा रहा था, या फिर इनका कोई इलाज है, तो जानकार कहते हैं भारत ने जैसे ऑपरेशन सिंदूर चलाया, वैसे ही भारत से पाकिस्तान भागे इन लोगों का लोकेशन निकालकर भी एक बार एक्शन लेना होगा, ताकि इन्हें ये समझ आ सके कि नया भारत अब अपने दुश्मनों को ढूंढ-ढूंढकर ठिकाने लगाता है, वो किसी को छोड़ता नहीं है.