न GPS, न रडार, ईरान की कैद से 8 मर्चेंट नेवी ऑफिसर की मोदी-जयशंकर ने ऐसे बचाई जान

Abhishek Chaturvedi 31 Mar 2026 06:30: PM 2 Mins
न GPS, न रडार, ईरान की कैद से 8 मर्चेंट नेवी ऑफिसर की मोदी-जयशंकर ने ऐसे बचाई जान

तारीख- 8 दिसंबर 2025
जगह- यूपी का गाजियाबाद
मर्चेंट नेवी ऑफिसर अनिल सिंह अपने परिवार को कॉल कर कहते हैं, हमारी जहाज ईरानी नेवी ने पकड़ ली, हम सब ईरान की जेल में बंद हैं.ये सुनते ही परिवार के होश उड़ जाते हैं, केन्द्र सरकार, विदेश मंत्रालय और पीएमओ तक को परिवार लेटर लिखता है...जयशंकर इस मसले को स्वंय देखते हैं, ईरानी विदेश मंत्रालय से कॉन्टैक्ट कर मामले का पता लगवाते हैं, पता चलता है ईरानी नेवी ने ओमान की खाड़ी के पास 'MT Valiant Roar' जहाज से 16 भारतीय नाविकों को पकड़ा है, जिन पर 6000 लीटर अवैध डीजल तस्करी का आरोप है.
पता ये भी चलता है कि ईरानी नौसेना ने इस जहाज का पहले पीछा किया, इस पर फायरिंग की, फिर इन लोगों को पकड़ा...लेकिन इससे जुड़ी कंपनी इस आरोप को झूठा करार देती है, नतीजा भारत के दबाव बनाने पर शुरू में 8 लोगों की रिहाई हो जाती है, लेकिन 8 अब भी वहां फंसे हुए थे, जिनकी रिहाई के दिन ही अमेरिका और इजरायल ईरान पर अटैक कर देते हैं...कैप्टन विजय कुमार बताते हैं

शाम को रिलीज ऑर्डर आता है, रात में युद्ध शुरू हो जाता है. हमलोग भाग रहे थे, फिर हमने ऑफिस से संपर्क किया, क्योंकि जो हमारे जहाज थे, उसके नेविगेशन के सामान खराब थे, रडार, जीपीएस सब खराब था, ये ठीक वैसा ही था जैसे आपको लाइट बंद करके रात में कोई बोले ड्राइव कर लो..

ऐसे वक्त में भारतीय विदेश मंत्रालय और दूतावास लगातार इनकी मदद की कोशिश करता है, पर कहते हैं जंग के वक्त कोई सेफ हाउस नहीं होता...इसलिए इन सभी को किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने का प्लान भी नहीं बन पाता, जो लोग 80 दिनों तक कैद में रहने के बाद रिलीज ऑर्डर देख खुश हो रहे थे, जिन्होंने बड़ी मुश्किल से अपने दिन गुजारे, वो एक बार फिर मुश्किल में थे...पर कहते हैं हर अंधेरे के बाद सवेरा जरूर होता है...
इन्हें दूतावास से मदद मिलती है, किसी तरह दुबई के रास्ते इन्हें हिंदुस्तान लाया जाता है, भारतीय विदेश मंत्रालय की मदद से ये हिंदुस्तान की धरती पर पहुंचते हैं और भावुक हो उठते हैं...क्योंकि एक वक्त वो था, जब इन्हें हर चीज के लिए परमिशन लेनी पड़ रही थी और एक वक्त ये है जब ये पूरी तरह आजाद हैं... मर्चेंट नेवी ऑफिसर अनिल सिंह की पत्नी गायत्री देवी भारत सरकार का शुक्रिया अद कर रही हैं, वो एक इंटरव्यू में कहती हैं
मेरे पति को झूठे आरोपों में फंसाया गया था. पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत जनप्रतिनिधियों की मदद से पति और उनके अन्य साथी आजाद हो सके हैं, मैं सरकार की तहे दिल से शुक्रगुजार हूं.
ये भारत की एक ऐसी डिप्लमेटिक जीत है, जिसका उदाहरण कभी-कभी देखने को मिलता है...ये वक्त ऐसा है जब एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद एक सभा में कहते हैं कि खाड़ी मुल्कों में रह रहे भारतीयों की जान कांग्रेस मुश्किल में डालना चाहती है..वो बेवजह बयानबाजी कर रही है, तो दूसरी तरफ ईरान की कैद से लौटे भारतीय या फिर जंग के बीच फंसे वहां से लौटे भारतीय मोदी सरकार का शुक्रिया अदा कर रहे हैं...सुषमा स्वराज के उस दौर की याद दिला रहे हैं, जब उनके विदेश मंत्री रहते भारत ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था...

why iran arrested indian merchant navy officer merchant navy officer return to india jaishankar pm modi iran israel war update latest news qatar indian navy officers hindi indian navy officers qatar indian navy officers indian navy officers in qatar why qatar indian navy officers former indian navy officers arrested in qatar ex indian navy officers in qatar qatar indian navy officers death

Recent News