US-Iran War: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इस बीच एक अंतरराष्ट्रीय राजनयिक ने बड़ा दावा किया है कि संयुक्त राष्ट्र ईरान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है. मोहम्मद सफा नाम के इस डिप्लोमैट ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए यह आरोप लगाया.
मोहम्मद सफा 'पैट्रियॉटिक विजन' नामक संगठन के मुख्य प्रतिनिधि के रूप में संयुक्त राष्ट्र में काम कर रहे थे. उन्होंने 2013 से इस संगठन के साथ जुड़े हुए थे और 2016 में उन्हें यूएन में स्थायी प्रतिनिधि बनाया गया था. 27 मार्च को दिए गए इस्तीफे में सफा ने लिखा कि काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने यह फैसला लिया.
उनका कहना है कि यूएन के कुछ वरिष्ठ अधिकारी संगठन की बजाय किसी शक्तिशाली लॉबी के इशारे पर काम कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस स्थिति का हिस्सा या गवाह नहीं बन सकते, खासकर जब परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल की तैयारी हो रही हो. अपनी एक पोस्ट में सफा ने तेहरान की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "लोग इस स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ पा रहे. संयुक्त राष्ट्र ईरान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है."
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध की चाहत एक बीमार सोच है. तेहरान में करीब एक करोड़ लोग रहते हैं – यहां परिवार, बच्चे, पालतू जानवर और आम मेहनतकश लोग हैं, जिनके अपने सपने हैं. उन्होंने पूछा कि क्या कोई वॉशिंगटन, लंदन, पेरिस या बर्लिन पर परमाणु बम गिराने की कल्पना कर सकता है?
सफा ने दावा किया कि उन्होंने अपनी डिप्लोमैटिक करियर को खत्म करके यह जानकारी सार्वजनिक की है. उनका मकसद था कि मानवता के खिलाफ होने वाले किसी अपराध का हिस्सा न बनें और न्यूक्लियर विंटर जैसी आपदा को रोकने की कोशिश करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि केवल जनता ही इस खतरे को रोक सकती है.
यह घटना ईरान के साथ चल रही तनावपूर्ण स्थिति के दौरान आई है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो खार्ग द्वीप और तेल के ठिकानों पर हमले हो सकते हैं. हालांकि मोहम्मद सफा के इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. यह उनके व्यक्तिगत दावे हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने रिपोर्ट किया है.