जो अमेरिका रूस में ग्राउंड ऑपरेशन चलाने वाला है, उसे रूस ने एक बड़ा झटका दे दिया है, रूस की ओर से चेचन लड़ाके ईरान के समर्थन में लड़ने वाले हैं, ये वो लड़ाके हैं, जो पुतिन के इतने वफादार हैं कि पुतिन के लिए अपनी जान भी दे सकते हैं, और ये रूस की आर्मी की तरह ही काफी ट्रेंड और हर हथियार चलाने में माहिर माने जाते हैं...तो क्या ट्रंप ने इसी वजह से अब युद्ध जल्द रोकने पर विचार करना शुरू कर दिया है, क्योंकि कई मीडिया रिपोर्ट ये दावा करती है कि डोनाल्ड ट्रंप बिना होर्मुज खुलवाए अब युद्ध हर हाल में रोकना चाहते हैं...खुद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अब ये कहने लगे हैं कि
आधी जंग समाप्त हो चुकी है, लेकिन बाकी की जंग कब तक खत्म होगी, इसकी तारीख मैं दुनिया को नहीं बता सकता.
तो सवाल ये उठता है कि क्या ईरान के आगे अमेरिका-इजरायल दोनों सरेंडर मूड में आ चुके हैं, और बस दुनिया के सामने ये स्वीकार नहीं करना चाहते, इसलिए नया रास्ता निकाल रहे हैं...या फिर कहानी कुछ ऐसी है जो पर्दे के पीछे से बाहर नहीं आ पा रही है...ये बात तो दुनिया जानती है कि खुद को सुपरपावर बताने वाले अमेरिका ने सुपर फ्लॉप शो इस वक्त दुनिया को दिखाया है, उसकी ताकत का जो अंदाजा दुनिया लगाती थी, उसे ईरान ने काफी चोट पहुंचाई है, और ईरानी आर्मी के ये कमांडो ट्रंप की आंखों की सबसे ज्यादा किरकिरी बने हुए हैं....जिनका नाम है इब्राहिम जुल्फिकारी....
ये पहले ट्रंप के स्टाइल को कॉपी करते हुए कहते हैं... ‘Hey Trump – you are fired’
उसके बाद पूछा क्या ट्रंप खुद से बातचीत कर रहे हैं क्योंकि ईरान तो किसी से भी बात नहीं कर रहा है.
जब अमेरिकी सैनिकों के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ने की ख़बरें तो ईरानी कमांडर ने कहा ‘वे आए तो वापस नहीं जा पाएंगे. जो भी इस देश में आएगा, उसकी टांगें नहीं बचेंगी..
यहां तक कि ईरानी कमांडर का ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसकी ट्रंप विरोधियों ने खूब तारीफ की...और अब इस कमांडर ने ये साफ कर दिया है कि ईरान अभी युद्ध नहीं रोकने वाला...पर सवाल ये उठ रहा है कि जब अमेरिका और इजरायल मिलकर ये दावा कर रहे हैं कि ईरान में सबकुछ खत्म हो गया है, वहां की सेना टूट चुकी है, तो फिर ईरानी कमांडर ट्रंप को क्या सोशल मीडिया पर चिढ़ाकर सिर्फ माहौल बदलना चाहते हैं या ईरान के पास अभी भी कुछ बचा है, तो इसकी भी कहानी आपको बताते हैं...ईरान की सैन्य ताकत अभी तीन ऐसी जगहों पर हैं, जहां पहुंचना अमेरिका के लिए मुश्किल होने वाला है...
पहला- केश्म द्वीप
जिसे होर्मुज का 'गेटकीपर कहा जाता है. ये ईरान का वो समुद्री किला है, जहां पहाड़ों के नीचे अंडरग्राउंड मिसाइल सेलर्स का जाल बताया जाता है, जो सीधे समुद्र की ओर खुलते हैं.
दूसरा- खोरगो बैलिस्टिक पावर हाउस
यहां जमीन के सैकड़ों फीट नीचे मजबूत कंक्रीट से बने वर्टिकल मिसाइल साइलो रखे हैं, जहां से 'खैबर शिकन' जैसी मिसाइलों के जरिए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है. कहा जाता है यहां अमेरिका के बंकर बस्टर हथियार भी काम नहीं आएंगे..
तीसरा- हाजी आबाद मिसाइल सिटी
यहां पहाड़ों के भीतर लंबी सुरंगों का जाल फैला हुआ है. इन सुरंगों में मोबाइल मिसाइल लॉन्चर्स तैनात बताए जाते हैं.
शायद यही वजह है कि ईरान लंब समय से इजरायल और अमेरिका दोनों देशों से मोर्चा ले रहा है...और जब बात जमीनी लड़ाई की आई तो पुतिन के वफादारों ने मोर्चा संभालने का ऐलान कर दिया है...