यूपी पुलिस का ऑपरेशन ‘वानी’ दहल उठा पूरा जम्मू-कश्मीर!

Global Bharat 03 Dec 2024 08:08: PM 3 Mins
यूपी पुलिस का ऑपरेशन ‘वानी’ दहल उठा पूरा जम्मू-कश्मीर!


बदन पर काला कोट, आंखों पर चश्मा और मुंह में मास्क लगाए दिख रहा ये व्यक्ति को आम आदमी नहीं है, बल्कि इतना खतरनाक है कि सीधा पुलिस वालों पर ग्रेनेड फेंक देता है, वेश बदलकर ऐसे भागता है कि बड़े-बड़े अधिकारी इसे नहीं पहचान पाते, और पाकिस्तान से तो इसे इतना प्यार है कि ये वहां बैठे आकाओं के इशारे पर कुछ भी कर सकता है, पर यूपी एटीएस और देवबंद पुलिस की निगाहों से बच नहीं पाया और पकड़कर अब कश्मीर की वादियों से यूपी की जेल में सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है, पर ये पकड़ा कैसे गया, ये सुनेंगे तो आप भी उन जवानों को सैल्यूट करेंगे, जो यूपी से कश्मीर एक आतंकी को पकड़ने गए थे, जहां कुछ भी हो सकता था.


इसकी गिरफ्तारी की कहानी शुरू होती है, नवंबर 2024 से, यूपी एटीएस और देवबंद थाने के अधिकारी जम्मू-कश्मीर जाते हैं,

वहां अधिकारियों को इसकी तस्वीर दिखाते हैं, इसका नाम पता बताते हैं, अदालत से निकला वारंट दिखाते हैं, और कहते हैं इसे गिरफ्तार करना है, जम्मू-कश्मीर की पुलिस जब अपने मुखबिरों से इसका पता निकलवाती है, तो बडगाम जिले के हाकर मुल्ला गांव में इसकी मौजूदगी मिलती है, पूरी टीम वहां पहुंचती हैं, और बड़ी ही सावधानी के साथ इसे अरेस्ट करके अपने साथ ले आती है, लेकिन उसके बाद जो खुलासा होता है, वो बेहद चौंकाने वाला होता है, पूछताछ में पता चलता है इसी साल हुए जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में ये चुनाव भी लड़ा था. 

CM के खिलाफ आतंकी ने लड़ा चुनाव 
जम्मू-कश्मीर की बडगाम विधानसभा सीट से इसने चुनाव लड़ा, और 1583 वोट भी इसे मिले
चुनावी हलफनामे में इसने खुद को एक बिजनेसमैन बताया, और पुराने केस छिपा लिए थे

जिसमें सबसे बड़ा केस था सहारनपुर तिराहा कांड, जहां साल 1993 में सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर ग्रेनेड फेंका गया, उसकी चपेट में आने से वहां मौजूद दो आम लोग भी घायल हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला देवबंद इलाके में फर्जी दस्तावेजों की मदद से नजीर अहमद वानी नाम का व्यक्ति लंबे वक्त से रह रहा है, जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है.

ये हिज्बुल मुजाहिद्दीन का वो गुर्गा था, जिसे पकड़ने में पुलिस के भी पसीने छूट गए थे और घटना के करीब 9 महीने बाद 1994 में इसे अरेस्ट किया गया, लेकिन कुछ वक्त बाद ही इसे जमानत मिल गई, और ये ऐसा फरार हुआ कि न कोर्ट के आदेश पर कभी पेश हुआ, न थाने में कोई हाजिरी लगाई, नतीजा 20 मई 2024 को अदालत ने स्थाई वारंट जारी किया, और यूपी पुलिस इसके हर उस अड्डे की तलाश में जुट गई,

जहां इसके छिपे होने की आशंका थी. और ये तलाश आखिरकार पूरी हुई जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में, जिसके बारे में एसपी सागर जैन विस्तार से बताते हैं. 

ऐसा कोई भी व्यक्ति अगर आपके आसपास रह रहा हो, नजीर की जगह खुद का नाम कुछ और बताता हो या फिर संदिग्ध हरकतें करता हो, तो उसकी जानकारी पुलिस को तुरंत दें, ताकि ऐसे दुश्मनों को सलाखों के पीछे तुरंत पहुंचाया जा सके.

यूपी पुलिस की टीम ने जैसे इसे घर में घुसकर गिरफ्तार किया है, इसके ही अड्डे में जाकर इसे उठा लिया उसके बाद से जम्मू-कश्मीर के लोग भी यूपी पुलिस के मुरीद हो गए हैं, पहले भी वहां बाबा के बुलडोजर की मांग उठ चुकी है, हो सकता है

अब सीएम योगी इन पुलिसकर्मियों को इतने साल से फरार वानी को पकड़ने के लिए कोई इनाम दें,, क्योंकि इससे पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ता है, पर ईनाम से ज्यादा बड़ी बात यहां बात उन लोगों की सजा की भी होनी चाहिए, जिन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को चुनाव लड़वा दिया, जिसे पुलिस 30 बरसों से ढूंढ रही थी, आखिर सिस्टम का ये दोष कब दूर होगा, अगर ये जीत जाता तो क्या होता, जरा सोचिए और जवाब दीजिए. 

Description of the author

Recent News