भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर चुनाव के बाद अगले चुनाव की तैयारी में लग जाती है और यही बात बीजेपी को देश की बांकी राजनितिक पार्टियों से अलग बनती है. अपनी इसी भविष्य की चुनावी तैयारी के तहत 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी अपने ही 100 विधायकों का टिकट काटने की तैयारी में है. अभी से इसके स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं.
ज्ञात रहे कि हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव के नतीजों में सबसे जयादा उत्तर प्रदेश ने चौंकाया है, क्यूंकि किसी को भी अंदाजा नहीं था कि सीएम योगी-पीएम मोदी की जोड़ी यूपी में सिर्फ 33 सीटों पर ही सिमट जायेगी, जबकि पार्टी को उम्मीद थी कि वे 70 करीब सीटें जीतेंगी, लेकिन परिणाम आने के बाद ऐसा नहीं हुआ.
भाजपा हर उस क्षेत्र में पिछड़ गई, जिस क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी का किला माना जा रहा था. वहीं फैजाबाद सीट (अयोध्या) से चुनाव हार जाना तो बीजेपी के लिए किसी सदमें से कम नहीं था. वहीं वाराणसी लोकसभा सीट पर पीएम मोदी के वोट प्रतिशत ने योगी सहित पूरी हाईकमान को सकते में डाल दिया.
इसी हार पर मंथन के लिए चुनाव नतीजों के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की बीजेपी यूनिट ने एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी और इसी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दावा कर दिया है कि लोकसभा चुनावों में बीजेपी को उसके खुद के ही विधायकों से भीतरघात का सामना करना पड़ा. वे नहीं चाहते थे कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटें जीते, इसलिए सुनयोजित तरीके से बीजेपी के प्रत्याशियों को हराया गया.
फैक्ट फाइंडिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें 100 से अधिक विधायक ऐसे हैं जिन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचने का काम किया. ऐसे में पार्टी की ओर से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले विधानसभा में चुनाव में इन विधायकों का टिकट ही काट दिया जाएगा, ताकि पार्टी में और भीतरघात होने से बचा जा सके.
बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम में कुल 80 लोग शामिल थे इन 80 लोगों को कुल 40 टीमों में बांटा गया था. ये टीम यूपी के सभी लोकसभा सीट पर गयी और लोकसभा के अंदर हर विधानसभा का भी दौरा किया. खासकर उन विधानसभा का ख्याल रखा गया, जहां बीजेपी के प्रत्याशी लोकसभा के चुनाव में पिछड़ गए.
मंडल अध्यक्षों-जिला अध्यक्षों से फीड बैक लिया गया है. बाक़ायद सबसे हातक्षर और शिकायत लिखी गयी है और इसी के आधार पर ऐसे 100 विधायक ऐसे मिले हैं जो चुनाव के दौरान पार्टी को ही नुकसान पंहुचा रहे थे. वहीं टीम ने समीक्षा के बाद रिपोर्ट हाइकमान को भेज दी है और ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी हाईकमान जल्द ही इसपर कड़ा फैसला ले सकती है.
इन 100 विधायकों में से कुछ जो अभी उत्तर प्रदेश की सरकार में मंत्री हैं और इन सब का हिसाब भी अगले मंत्रिमंडल विस्तार में हो जाएगा. योगी आदित्यनाथ किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं हैं और जो 2024 के चुनाव में हो गया वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2027 के विधानसभा चुनाव में नहीं होने देंगे.