तेहरान/वाशिंगटन: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ चुकी है. वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का यह अहम रास्ता विवादों का केंद्र बना हुआ है. लेकिन अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने तेल सप्लाई के लिए एक गुप्त और सुरक्षित रास्ता तैयार कर लिया है, जिससे रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल निकाला जा रहा है.
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ओमान के तट से सटे होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में एक कंट्रोल्ड गलियारा बनाया है. इस रास्ते से खाड़ी देशों के तेल टैंकर बाहर जा रहे हैं और खाली टैंकर अरब सागर से खाड़ी में दाखिल होकर तेल लोड कर सुरक्षित वापस लौट रहे हैं. अमेरिकी सैनिक इन टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं और आवाजाही को नियंत्रित कर रहे हैं.
पिछले दो हफ्तों से हर रात करीब 15 से 20 टैंकर इस गलियारे से गुजर रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल रोजाना लगभग 10 मिलियन (1 करोड़) बैरल तेल की सप्लाई हो रही है, जो युद्ध से पहले की आवाजाही का करीब आधा हिस्सा है. यह ऑपरेशन फोर्ट ब्रैग हेडक्वार्टर की एक खास टास्क फोर्स द्वारा चलाया जा रहा है.
अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान की रडार और समुद्री निगरानी क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है. अमेरिकी वायु सेना ईरानी ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के खतरे से निपटने के लिए जहाजों को लड़ाकू विमानों की सुरक्षा भी मुहैया करा रही है.
बीते दिनों राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बता दिया था, जिससे विवाद और बढ़ गया था.
हालांकि कानूनी तौर पर होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है. फिर भी अमेरिका ने व्यावहारिक रूप से जहाजों की आवाजाही पर मजबूत नियंत्रण बना लिया है. यह गुप्त ऑपरेशन वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. ईरान के लिए यह खबर निश्चित रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि होर्मुज पर दबाव बनाने की उसकी रणनीति अब चुनौती का सामना कर रही है.