तेल अवीव/दमास्कस: सीरिया में इजरायल के हवाई हमले के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया. अमेरिकी राजदूत और सीरिया के लिए ट्रंप प्रशासन के विशेष दूत टॉम बैराक ने चेतावनी दी है कि इस हमले से इजरायल और तुर्की के बीच सीधे सैन्य टकराव का वास्तविक खतरा पैदा हो गया था.
सीरिया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि इजरायल ने तुर्की सीमा से करीब 70 किलोमीटर पूर्व में स्थित अबू अल-दुहुर एयरबेस के रनवे और स्टोरेज सुविधाओं पर आठ हवाई हमले किए. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस स्ट्राइक की जिम्मेदारी ली. इजरायल का कहना है कि सीरिया तुर्की सैनिकों की तैनाती की इजाजत देकर सुरक्षा यथास्थिति का उल्लंघन करने की कगार पर था. इजरायल ने बार-बार चेतावनी दी थी कि ऐसी तैनाती उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है.
टॉम बैराक ने ‘द जेरूसलम पोस्ट’ से कहा, “तुर्की की सेनाओं को पता नहीं था कि इजरायली विमान उस बेस की ओर जा रहे हैं. वे यह सोचकर अपने जेट्स को तुरंत उड़ान भरने के लिए तैयार कर सकते थे कि उन पर ही हमला हो रहा है. कल की घटनाएं गंभीर और चिंताजनक थीं. हमें राहत है कि किसी की जान नहीं गई और स्थिति और बिगड़ी नहीं.”
बैराक ने बताया कि भरोसेमंद संचार चैनलों की कमी से हालात और खराब हो सकते थे. अमेरिका इजरायल और सीरिया के बीच डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल फिर से शुरू करने पर चुपचाप बातचीत कर रहा है. इसमें तुर्की को भी शामिल किया जा सकता है.
हाल के वर्षों में बैराक ने सीरिया और इजरायल के बीच कई दौर की बातचीत कराई थी, जिसका मकसद तनाव कम करना और सीमा समझौता करना था. अब दोनों देशों के बीच संचार की खुली लाइनें बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं टाली जा सकें.