जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. सिवनी जिले की एक रेप पीड़िता ने आरोपी से शादी कर लेने के बाद हाईकोर्ट में आवेदन दिया कि उसके खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया जाए. अदालत ने महिला के आवेदन को स्वीकार करते हुए आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया. मामला सिवनी जिले के थाना धनौरा का है. पीड़िता ने एफआईआर दर्ज करवाई थी.
बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझ गया और 28 अप्रैल 2026 को उन्होंने शादी कर ली. अब वे पति-पत्नी के रूप में शांति से साथ रह रहे हैं. पीड़िता ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर कहा कि वे व्यवस्थित वैवाहिक जीवन जीना चाहते हैं, इसलिए आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा. आरोपी युवक ने भी याचिका दायर की थी.
जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आदेश में कहा कि विशेष तथ्यों को देखते हुए आपराधिक कार्यवाही जारी रखने से दोनों के व्यवस्थित वैवाहिक जीवन में अनावश्यक खलल पड़ेगा. अदालत ने यह भी नोट किया कि दोनों एक-दूसरे से परिचित थे और शिकायतकर्ता ने स्वेच्छा से समझौता किया है. वह कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाना चाहती.
इस आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज रेप का केस रद्द कर दिया. यह फैसला आपसी समझौते और शादी के बाद आपराधिक मामलों में अदालतों के रुख को लेकर चर्चा में है.