नई दिल्ली: उदयपुर की पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने एक सनसनीखेज मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ यौन शोषण करने वाली महिला को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 10000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है. यह उदयपुर में पहला ऐसा मामला है जिसमें पॉक्सो कोर्ट ने किसी महिला को दोषी ठहराते हुए इतनी लंबी सजा दी है.
विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र ओझा ने बताया कि यह घटना 2023 में प्रतापनगर थाना क्षेत्र में हुई थी. शिकायत के अनुसार, कानोड़ निवासी शेखा बानू नामक महिला ने 17 साल के एक किशोर को नशीला पदार्थ देकर अपने साथ रखा और उसका बार-बार यौन शोषण किया. 12 मार्च 2023 को किशोर के परिजनों ने उसे उदयपुर के सवीना कृषि मंडी के नजदीक एक होटल में महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा.
परिजनों ने पुलिस को बताया कि महिला ने किशोर को नशा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और इस दौरान उसके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए. इनका इस्तेमाल कर वह किशोर को ब्लैकमेल करती थी और बार-बार उसका शोषण करती रही. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और शेखा बानू को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट में चालान पेश करने के साथ ही अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों और 30 दस्तावेजों के जरिए मामले को मजबूत किया.
अभियोजक ने कोर्ट में तर्क दिया कि महिला के मोबाइल से किशोर के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद हुए, जिनका उपयोग ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, जज संजय भंडारी ने शेखा बानू को दोषी करार देते हुए 20 साल की कारावास और 10000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. अभियोजक ने बताया कि यह उदयपुर में अब तक का पहला मामला है जिसमें पॉक्सो कोर्ट ने किसी महिला को इस तरह की सजा दी है.