नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में अपना डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है. उन्होंने यह पद 2023 से संभाला हुआ था. पार्टी सूत्रों ने बताया कि उनकी जगह अब पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. सूत्रों ने बताया कि इस बदलाव को लेकर राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक सूचना भेज दी गई है.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राघव चड्ढा AAP और उसके शीर्ष नेतृत्व से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों पर लगातार चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे पार्टी में संभावित दरार की अफवाहें जोर पकड़ चुकी हैं. फरवरी में दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में कोर्ट ने AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं को सभी आरोपों से बरी कर दिया था, लेकिन चड्ढा ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी पार्टी के सहयोगियों को मिली राहत का कोई पोस्ट नहीं किया, जिससे चर्चाएं शुरू हो गईं.
यह 37 वर्षीय सांसद पार्टी की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं से भी गायब रहे, जिसमें केजरीवाल द्वारा पार्टी दफ्तर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर-मंतर पर 'जन सभा' शामिल है. इस सभा में AAP प्रमुख ने सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला बोला था.
चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा AAP के साथ 2012 से जुड़े हुए हैं और उन्हें अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता है. वे पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रह चुके हैं और इसके सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के सदस्य भी हैं. उन्होंने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के समन्वय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
वे दिल्ली में विधायक रहते हुए राज्यसभा के लिए चुने गए थे और ऊपरी सदन के सबसे युवा सदस्यों में शामिल रहे. उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सलाहकार के रूप में भी काम किया है. वर्तमान में वे पार्टी में पंजाब के सह-प्रभारी के पद पर हैं.
पार्टी मामलों से दूरी बनाने को लेकर चड्ढा पर यह पहली बार सवाल नहीं उठे हैं. 2024 लोकसभा चुनावों से पहले जब केजरीवाल को शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया था, तब भी चड्ढा ने अपनी प्रतिक्रिया में देरी की थी और इसके लिए ब्रिटेन में आँख की सर्जरी से रिकवरी का हवाला दिया था.