नई दिल्ली: माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें अब्बास को 2 साल की सजा सुनाई गई थी. अदालत ने ये फैसला अब्बास अंसारी के वकील उपेन्द्र उपाध्याय और सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा को सुनने के बाद दिया.
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खबर है कि अब्बास के वकील ने अदालत में ये दलील दी कि निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाया जाना चाहिए, जिस पर अदालत ने सहमति जताई. इस फैसले के बाद अब्बास और उनके चाचा अफजाल के लिए एक आफत वाली ख़बर भी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक बिहार झारखंड के बाद अब यूपी की मऊ विधानसभा सीट पर सबसे पहले SIR होगा, यानि फर्जी वोटर्स के पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा.
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2 सितंबर से 25 सितंबर तक ये अभियान चलेगा. जिस हिसाब से विपक्ष पूरे देश में SIR का विरोध कर रहा है, जाहिर सी बात है मऊ सीट पर भी विरोध बढ़ सकता है, सियासत गरमा सकती है, यानि एक तरफ अब्बास के लिए राहत वाली खबर आई तो दूसरी तरफ SIR के रूप में सियासी आफत भी बरस पड़ी.
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हालांकि हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कई लोग ये भी कह रहे हैं कि अब्बास अंसारी दूसरे आजम खान बनने से बच गए, वरना उनका सियासी करियर खत्म होने वाला था. दरअसल अब्बास ने साल 2022 के विधानसभा चुनाव में एक सभा के दौरान अधिकारियों के हिसाब किताब करने का बयान दिया था. जिसके बाद मामला दर्ज हुआ था.
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