लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पासपोर्ट मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है. एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा को निरस्त कर दिया है. हालांकि, इस फैसले के बावजूद उनके जेल से बाहर आने की संभावनाएं फिलहाल स्पष्ट नहीं मानी जा रही हैं.
जानकारी के अनुसार, दो पासपोर्ट मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दिसंबर 2025 में अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई थी. इस फैसले को चुनौती देते हुए उनकी ओर से सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई थी. मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए अपील स्वीकार कर ली और पहले दिए गए आदेश को रद्द कर दिया.
यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है. भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए. आरोपों के मुताबिक, एक दस्तावेज में उनकी जन्मतिथि 1993 और दूसरे में 1990 दर्ज कराई गई थी. साथ ही इन दस्तावेजों के इस्तेमाल से विदेश यात्रा करने का आरोप भी लगाया गया था.
हालांकि अदालत से इस मामले में राहत मिलने के बावजूद अब्दुल्ला आजम की कानूनी चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं. उनके खिलाफ अन्य मामलों में सुनवाई जारी है, जिनमें कुछ प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित बताए जा रहे हैं. ऐसे में कानूनी जानकारों का मानना है कि केवल इस फैसले के आधार पर उनकी तत्काल रिहाई की संभावना तय नहीं मानी जा सकती.