पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों कथित अवैध संपत्तियों और बुलडोज़र कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गिरफ्तार किए गए पूर्व DCP शांतनु और कथित हवाला कारोबारी विश्वजीत पोद्दार उर्फ “सोना पप्पू” मामले की जांच अब Abhishek Banerjee तक पहुंचने के दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच कोलकाता नगर निगम की ओर से 17 संपत्तियों को नोटिस भेजे जाने की चर्चा ने राजनीतिक माहौल और गर्म कर दिया है।
राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से जुड़ी कुल 24 संपत्तियां जांच एजेंसियों और प्रशासन की निगरानी में हैं। इनमें कथित तौर पर 14 संपत्तियां “Leaps and Bounds” कंपनी के नाम पर बताई जा रही हैं, जबकि कुछ संपत्तियां अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार के नाम से जुड़ी होने का दावा किया जा रहा है।
इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों-अरबों रुपये में आंकी जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि कुछ वर्षों में तेज़ी से आलीशान संपत्तियां खड़ी की गईं, जिनकी अब जांच हो रही है।
Firhad Hakim कोलकाता नगर निगम के मेयर हैं और उन्हें ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। ऐसे में नगर निगम की ओर से नोटिस भेजे जाने पर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक नोटिस में कहा गया है कि यदि संपत्तियां कानूनी हैं तो उनके दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। दस्तावेज सही पाए जाने पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
जांच एजेंसियां DCP शांतनु और कथित कारोबारी सोना पप्पू के नेटवर्क की जांच कर रही हैं। आरोप है कि हवाला कारोबार, जमीन कब्जा और अवैध संपत्ति नेटवर्क के जरिए बड़ा आर्थिक तंत्र तैयार किया गया।
विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को लेकर दावा है कि वह पहले सोने के कारोबार से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसका प्रभाव तेजी से बढ़ा। अब उसके राजनीतिक संपर्कों और संपत्ति नेटवर्क की जांच की जा रही है।
Suvendu Adhikari लगातार बंगाल में कथित भूमाफिया और अवैध संपत्तियों के मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से कई बड़े नामों का जिक्र करते हुए दावा किया था कि बंगाल में बड़े स्तर पर संपत्ति और हवाला नेटवर्क सक्रिय रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में अब भ्रष्टाचार, अवैध संपत्तियां और बुलडोज़र कार्रवाई बड़े चुनावी मुद्दे बनते जा रहे हैं।
दूसरी तरफ TMC नेताओं का कहना है कि बीजेपी राजनीतिक बदले की भावना से एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। एक बैठक में अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी दबाव में नहीं झुकेगी और संघर्ष जारी रखेगी।
इसी बीच बंगाल से लेकर दूसरे राज्यों तक बुलडोज़र कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष इसे कानून का दुरुपयोग बता रहा है, जबकि समर्थक इसे अवैध कब्जों और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई बता रहे हैं।