Bhojshala : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर हिंदू समाज में खुशी का माहौल है. अदालत ने परिसर में पूजा-अर्चना के अधिकार को मान्यता दी है, जिसके बाद सकल हिंदू समाज ने 22 मई, शुक्रवार को मां वाग्देवी मंदिर में विशेष पूजा और महाआरती आयोजित करने का ऐलान किया है. श्रद्धालुओं का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें यहां विधिवत धार्मिक अनुष्ठान करने का अवसर मिला है.
भोज उत्सव समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक, इस आयोजन को लेकर पूरे धार शहर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. कार्यक्रम के तहत दोपहर 12 बजे विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु धानमंडी में एकत्र होंगे. वहां से सभी लोग सामूहिक रूप से भोजशाला परिसर पहुंचेंगे, जहां दोपहर 1 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा और महाआरती की जाएगी.
आयोजकों का कहना है कि यह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने बताया कि वर्षों से हिंदू समाज यहां नियमित पूजा की मांग करता रहा है. इससे पहले केवल बसंत पंचमी के अवसर पर सीमित पूजा की अनुमति मिलती थी, लेकिन अब अदालत के फैसले के बाद पूरे वर्ष पूजा-अर्चना का मार्ग खुल गया है.
हिंदू संगठनों ने इस दिन को विशेष महत्व देते हुए इसे “स्वाभिमान का शुक्रवार” बताया है. उनका कहना है कि न्यायालय का फैसला हिंदू समाज की आस्था से जुड़ा बड़ा क्षण है. महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. प्रशासन भी आयोजन को लेकर सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.