कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में नागरिकता संशोधन कानून यानी (CAA) को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही CAA के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज करेगी, उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है.
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जो लोग 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए हैं और CAA के दायरे में आते हैं, उन्हें किसी तरह की कार्रवाई या गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
उन्होंने आगे कहा कि CAA में जिन समुदायों को शामिल किया गया है, उनमें हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग आते हैं. अधिकारी के मुताबिक यदि ये लोग पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर भारत आए हैं, तो उन्हें नागरिकता देने का प्रावधान है. सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते और अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं, उन्हें अवैध घुसपैठिया माना जाएगा. ऐसे मामलों में राज्य पुलिस कार्रवाई करते हुए उन्हें सीमा सुरक्षा बल यानी BSF को सौंपेगी.
इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. विपक्षी दलों ने भाजपा पर धार्मिक आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा इसे पीड़ित अल्पसंख्यकों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया बता रही है. आने वाले दिनों में CAA को लेकर बंगाल की राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.