नई दिल्ली: भारतीय ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपने व्यक्तिगत अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाई गई अपनी फोटोज और गलत कंटेंट को हटाने की मांग की है.
अभिषेक शर्मा वर्तमान में भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, जहां 5 मैचों की T20 सीरीज खेली जा रही है. इस व्यस्त कार्यक्रम के बीच उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर अपने नाम, फोटो और पहचान के दुरुपयोग को रोकने की अपील की है.
कोर्ट में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में हुई. अभिषेक के वकील ने अदालत को बताया कि AI का इस्तेमाल कर उनकी मूल फोटो को तोड़ा-मरोड़ा गया है. एक तस्वीर में उन्हें किसी के कंधे पर रोते हुए दिखाया गया, जबकि असल में वह अपनी मैनेजर के साथ थे. इसके अलावा एक पोस्ट में उनके मैनेजर को गलत तरीके से उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया, जिससे भ्रामक जानकारी फैली.
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इंटरनेट कंटेंट में मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच अंतर करना मुश्किल होता है. जज ने बिना पूरी जांच के कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया. अदालत ने अभिषेक के वकील को नए एफिडेविट और सही स्क्रीनशॉट के साथ वापस आने को कहा है. अभिषेक शर्मा ने कुल 8 यूआरएल बताए थे, जिनमें से दो लिंक फिलहाल काम नहीं कर रहे थे. उनका कहना है कि बिना अनुमति के उनका नाम और चेहरा AI जनरेटेड है.