अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर महा-ऐक्शन: आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क, 6 साल के महा-फंड और SIT जांच का एक-एक आंकड़ा आया सामने

Rahul Jadaun 07 Jul 2026 07:28: PM 3 Mins
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर महा-ऐक्शन: आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क, 6 साल के महा-फंड और SIT जांच का एक-एक आंकड़ा आया सामने

अयोध्या: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आस्था के चढ़ावे पर डाका डालने वाले चोरों के खिलाफ उत्तर प्रदेश प्रशासन और एसआईटी (SIT) ने अब तक की सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। राम मंदिर से चुराए गए चढ़ावे की पाई-पाई वसूलने के लिए अयोध्या पुलिस नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-107 के तहत आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर रिकवरी करेगी। इस बीच, 6 जुलाई 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें दान राशि की गिनती में गड़बड़ी, जांच की प्रगति और कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच पिछले 6 साल के महा-फंड का पूरा आधिकारिक लेखा-जोखा देश के सामने रख दिया गया है।

6 साल के महा-फंड का पूरा आधिकारिक ब्यौरा (₹3,264 करोड़ का हिसाब)

  • ट्रस्ट द्वारा बैठक में जारी किए गए आधिकारिक वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, मंदिर की वित्तीय स्थिति इस प्रकार है:
  • कुल प्राप्त राशि (निधि समर्पण व दान): साल 2020 में ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक कुल 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
  • निर्माण कार्यों पर खर्च: इस कुल राशि में से 2,370 करोड़ रुपये भव्य मंदिर निर्माण और अन्य बड़े विकास कार्यों में खर्च किए जा चुके हैं।
  • चढ़ावे से आय (31 मार्च 2026 तक): मंदिर को चढ़ावे के रूप में 582 करोड़ रुपये मिले।
  • संचालन खर्च: चढ़ावे की राशि में से 391 करोड़ रुपये मंदिर के दैनिक संचालन और व्यवस्थाओं में उपयोग हुए हैं। बाकी की शेष धनराशि बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) में पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है

3 महीने पहले ही SBI ने दी थी चेतावनी, ट्रस्ट के दबाव का आरोप

इस पूरे महा-घोटाले की जांच के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि करीब 3 महीने पहले ही एसबीआई (SBI) ने मंदिर में दान राशि गिनने वाले कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियों पर चिंता जताते हुए उन्हें बदलने की लिखित सिफारिश की थी। बैंक को दान के रखरखाव में गड़बड़ी का शक था, लेकिन आरोप है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ रसूखदार सदस्यों के दखल के कारण यह कदम नहीं उठाया गया। एसबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट के सदस्यों ने बैंक पर कुछ खास लोगों को ही कैश काउंटिंग टीम में शामिल करने का दबाव (प्रेशर) बनाया था। फिलहाल एसबीआई जांच में एसआईटी का पूरा सहयोग कर रही है और 7 बैंकों के पिछले 5 साल के फाइनेंशियल ट्रेल खंगाले जा रहे हैं।

8 आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी की 'सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज' का कनेक्शन

एसआईटी (SIT) इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 6 आरोपी वाराणसी की एक प्राइवेट एजेंसी 'सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज' के कर्मचारी थे, जिसे एसबीआई की नया घाट ब्रांच ने ₹20,000 महीने के वेतन पर कैश गिनने के लिए हायर किया था। एजेंसी के मालिक गौरव सिंह ने साफ किया है कि उनका ट्रस्ट से कोई सीधा लेना-देना नहीं था। बाकी के दो आरोपियों में से राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को सीधे ट्रस्ट से वेतन मिलता था, जबकि सुभाष श्रीवास्तव (पूर्व बैंक कर्मी) बिना वेतन के काम कर रहा था।

किस आरोपी से कितना कैश बरामद हुआ?

तलाशी के दौरान एसआईटी ने 7 आरोपियों के पास से अब तक कुल ₹80 लाख से अधिक की नकदी बरामद की है, जिसका सटीक विवरण दस्तावेजों के अनुसार इस प्रकार है:

  • अविनाश शुक्ला: ₹20,39,000 नकद
  • करुणेश पाण्डेय: ₹18,07,063 नकद
  • अनुकल्प मिश्र: ₹16,82,040 नकद
  • लवकुश मिश्रा: ₹14,25,000 नकद
  • रामाशंकर मिश्रा: ₹7,32,170 नकद (इसके अलावा दो सफेद धातु के सिक्के और 24.72 ग्राम वजन का चांदी का बिछुआ भी बरामद)
  • मनीष कुमार यादव: ₹2,00,000 नकद
  • रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव: हॉस्टल के कमरे से ₹1,00,000 नकद

आभूषणों को गलाकर सोने के बिस्कुट बनाने की आशंका

इस मामले में सबसे पेचीदा मोड़ यह आया है कि छापेमारी में अब तक चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद नहीं हो सके हैं। एसआईटी को अंदेशा है कि आरोपियों ने आभूषणों की पहचान मिटाने के लिए उन्हें गलाकर सोने के बिस्कुट या सिल्लियां बनवा ली हैं। जांच टीम ने इस सिलसिले में प्रभारी केडी बाबू से पूछताछ की है और भारत सरकार के उपक्रम 'प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया' (Mint) के साथ हुए लेन-देन का रिकॉर्ड तलब किया है।

एसआईटी जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट की हर तीसरे महीने होने वाली बैठक के एजेंडे में नकद दान का ब्यौरा तो रहता था, लेकिन सोने-चांदी के मूल्यांकन और स्टॉक का नियमित ब्यौरा गायब था। गौरतलब है कि ट्रस्ट ने पहले चरण में 944 किलो चांदी जांच के लिए 'मिंट' को भेजी थी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पुराने सार्वजनिक बयान के मुताबिक, मंदिर को अब तक दान में कुल 13 क्विंटल चांदी और 20 किलो सोना प्राप्त हो चुका है, जिसकी अब नए सिरे से स्क्रूटनी की जा रही है।

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