Adani University celebrates its first convocation: अदाणी विश्वविद्यालय (Adani University) ने आज अपने शांतिग्राम परिसर में अपना पहला दीक्षांत समारोह मनाया, जो संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता की यात्रा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन को दर्शाता है. पद्म श्री कार्तिकेय विक्रम साराभाई (Padma Shri Kartikeya Vikram Sarabhai), जो दुनिया के प्रमुख पर्यावरण शिक्षा के विशेषज्ञों में से एक हैं और सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एजुकेशन (सीईई) के संस्थापक और निदेशक हैं, ने दीक्षांत संबोधन दिया. इस समारोह की अध्यक्षता अदाणी विश्वविद्यालय की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी (Dr. Preeti Adani) ने की. 69 पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों ने एमबीए (इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट), एमबीए (एनर्जी मैनेजमेंट) और एमटेक (कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट) प्रोग्राम्स में अपनी डिग्रियाँ प्राप्त कीं, जबकि 4 छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक दिए गए.
यह दीक्षांत समारोह उनके लिए अदाणी विश्वविद्यालय के गौरवान्वित एंबेसडर के रूप में अपनी यात्रा की शुरुआत को रेखांकित करता है. ग्रेजुएट्स को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कार्तिकेय साराभाई (Kartikeya Sarabhai) ने कहा कि जब आप इस नए अध्याय की शुरुआत करते हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप उन चुनौतियों पर विचार करें जिनका आप सामना करेंगे और उन स्किल्स को पहचानें जिन्हे आपको प्रभावी रूप से नेविगेट करने की आवश्यकता होगी. साराभाई ने विकास में समावेशिता की आवश्यकता पर जोर दिया और फ्यूचर लीडर्स से समुदायों के साथ जुड़ने तथा विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ सहयोग करने की अपील की. उन्होंने तकनीकी परिवर्तन के प्रभाव पर भी बात की, यह कहते हुए कि टेक्नोलॉजी को सशक्त बनाना चाहिए, न कि उसका बहिस्कार करना चाहिए.
अपने संबोधन में, डॉ. प्रीति अदाणी ने अदाणी विश्वविद्यालय की स्थापना में सीनियर लीडरशिप, फैकल्टी और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ के लगातार प्रयासों को सराहा, जिसे 2022 में औपचारिक मंजूरी मिली. शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करते हुए, डॉ. अदाणी ने कहा, "शिक्षा में कभी न गिनी जा सकने वाली चमक है." उन्होंने "आत्मनिर्भर भारत" के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, लाइफ साइंस में रिसर्च और इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया. उन्होंने कहा कि विफलताएं आपको बड़ी प्रगति के रास्ते पर ले जाने में मदद करती हैं और उनसे सेटबैक्स को विकास के अवसरों के रूप में देखने की सलाह दी.
उन्होंने अदाणी विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान प्राप्त करने की अपनी आकांक्षा व्यक्त की और ग्रेजुएट्स से अपील की कि वे अपने अल्मा मेटर के एंबेसडर बनें और अपने ज्ञान का समाज के उत्थान के लिए उपयोग करें. उन्होंने ग्रेजुएट्स को व्यावसायिक दुनिया के परिवर्तनों और चुनौतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, यह कहते हुए कि ज्ञान, स्थिरता, तर्कशीलता, और बुद्धिमत्ता में निहित उत्कृष्टता उन्हें अलग करेगी. अदाणी विश्वविद्यालय के प्रॉवोस्ट, प्रोफेसर रवि पी सिंह, ने अदाणी विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से प्राप्त अकादमिक माइलस्टोन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की. 2023-24 के वर्ष के लिए विश्वविद्यालय की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए, प्रोफेसर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष में, हमने अदाणी विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण माइलस्टोन प्राप्त किए हैं.
प्रोफेसर सिंह ने कहा कि अदाणी समूह के प्रोफेशनल्स के साथ हमारी साझेदारी कक्षाओं में वास्तविक दुनिया की अंतर्दृष्टि को शामिल कर के लर्निंग एक्सपीरियंस को और अधिक समृद्ध बनाती है. छात्रों ने प्रमुख साइट्स की विजिट और कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हाथों-हाथ अनुभव प्राप्त किया. इस दीक्षांत समारोह में गवर्निंग बॉडी, बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट, अकादमिक कॉउन्सिल, बोर्ड ऑफ़ स्टडीज और कॉर्पोरेट व अकादमिक तथा अनुसंधान समुदाय के कई प्रतिष्ठित अतिथियों के साथ-साथ ग्रेजुएट होने वाले छात्रों और उनके माता-पिता ने भाग लिया.