नई दिल्ली: अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने पाकिस्तानी क्षेत्र में ड्रोन हमले कर दिए हैं. तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISIS-K) के ठिकानों को निशाना बनाया. खैबर पख्तूनख्वा के सारन इलाके में एक स्कूल को भी टारगेट किया गया, जिसे तालिबान के अनुसार ISIS आतंकियों ने अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहा था.
तालिबान सरकार का दावा है कि हमलों में कई ISIS आतंकवादी मारे गए, जबकि किसी भी आम नागरिक की मौत नहीं हुई. तालिबान ने इन हमलों को जस्टिफाई करते हुए कहा कि ये ठिकाने अफगानिस्तान के अंदर हमलों और तोड़फोड़ की साजिश रचने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे.
यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हालिया घातक एयरस्ट्राइक्स के महज दो दिन बाद हुआ है, जिसमें पाकिस्तान के अनुसार 29 आतंकवादी मारे गए थे, जबकि अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दर्जनों आम नागरिकों की मौत हुई थी.
तनाव क्यों बढ़ रहा है?
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद और आतंकवाद को लेकर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है. दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाते रहते हैं. तालिबान पाकिस्तान को इसके "आंतरिक समस्या" का जिम्मेदार ठहराता है, जबकि पाकिस्तान काबुल पर टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) और ISIS-K जैसे गुटों को समर्थन देने का आरोप लगाता है. भारत ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान में किए गए हमलों की कड़ी निंदा की थी और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया था. यह घटना दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाली है.