चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार को अपने सहयोगियों से पहला बड़ा झटका लगा है. वाम मोर्चा (CPI और CPM) ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा 1 जुलाई को बुलाई गई परामर्श बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है. वाम दलों के सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल होने से यह गलत संदेश जाएगा कि वे TVK के आधिकारिक गठबंधन का हिस्सा हैं. दोनों पार्टियों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने केवल बहुमत न होने के कारण सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया था, न कि सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने के लिए.
राजनीतिक समीकरण बदले
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब TVK ने हाल ही में सत्ता संभाली है और पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों DMK व AIADMK को दूसरे और तीसरे स्थान पर धकेल दिया. चुनाव के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. MDMK (वैको), कांग्रेस और IUML पहले ही DMK गठबंधन छोड़कर विजय सरकार का साथ दे रहे हैं.
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मुख्यमंत्री विजय ने 1 जुलाई को VCK, MDMK और IUML सहित समर्थक दलों की बैठक बुलाई है, ताकि सरकार चलाने में समन्वय बना रहे. इस बीच DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने दावा किया है कि विजय सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता स्नैप पोल के लिए तैयार रहें.
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TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, जो बहुमत (118) से 10 कम हैं. कांग्रेस, वामपंथी, VCK और IUML के समर्थन से ही सरकार बनी थी. अब वाम दलों के बैठक से दूर रहने के फैसले ने सत्ताधारी दल के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है. तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले दिनों में और बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं.