Pakistan attack on Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत करते हुए हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई की. पाकिस्तान का दावा है कि इस अभियान में 29 आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि हमलों में आम नागरिक भी मारे गए हैं.
दरअसल, कराची में रेंजर्स मुख्यालय पर हुए हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार ने ली. पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले में शामिल एक हमलावर अफगान नागरिक था और इसके बाद उसने सीमा पार मौजूद आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया.
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर अफगान सीमा से लगे क्षेत्रों में जमीनी अभियान चलाया गया, जिसके बाद आतंकियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए. इस कार्रवाई का उद्देश्य उन समूहों को निशाना बनाना था, जिन पर पाकिस्तान के भीतर लगातार आतंकी हमले कराने का आरोप है.
वहीं, तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमलों में कई निर्दोष नागरिकों की जान गई है. काबुल ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और इसकी कड़ी निंदा की है. दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा सीमा विवाद और सुरक्षा तनाव अब और गहरा गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि कराची हमले के बाद पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है. पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों को अफगानिस्तान में सुरक्षित पनाह मिलती है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है. हालिया घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला खड़ा किया है.