वाराणसी : विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत से फिर चर्चा में बाहुबली बृजेश सिंह आ गए हैं. पूर्वांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.वाराणसी में प्रसिद्ध पप्पू की चाय की अड़ी पर पहुंचे पूर्व एमएलसी और पूर्वांचल के चर्चित बाहुबली नेता बृजेश कुमार सिंह ने विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत देकर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है.
उन्होंने कहा कि रघुवंश घराने से होने के नाते जनता के सुख-दुख में शामिल रहना उनका दायित्व है और राजनीति सेवा का माध्यम है, इसके लिए धन-दौलत की नहीं बल्कि जनसमर्थन और संकल्प की आवश्यकता होती है. वहीं, जौनपुर से बेटे के चुनाव लड़ने की चर्चाओं को उन्होंने अफवाह बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया.
पूर्वांचल की राजनीति में बृजेश सिंह का नाम लंबे समय से प्रभावशाली और विवादित दोनों रूपों में लिया जाता रहा है. एक समय उनका नाम पूर्वांचल के बाहुबली दौर की राजनीति और गैंगवार से जुड़कर सुर्खियों में रहा, लेकिन बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना. वर्ष 2012 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और 2016 में वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी सीट से निर्दलीय एमएलसी चुने गए. उनके परिवार का भी क्षेत्रीय राजनीति में प्रभाव रहा है और उनके समर्थक उन्हें मजबूत जनाधार वाला नेता मानते हैं.
अब विधानसभा चुनाव लड़ने के उनके संकेतों ने पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं. हालांकि उन्होंने अभी किसी सीट का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनके बयान के बाद वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल की राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ना तय माना जा रहा है. सभी की नजर अब उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी है.