नई दिल्ली: देश के अलग-अलग हिस्सों में रोहिंग्या के खिलाफ ग्लोबल भारत टीवी की पड़ताल जारी है...मुर्शिदाबाद में हुए रिपोर्टर पर हुए हमले के बाद हमारी टीम लखनऊ पहुंची,जहां के फैजुल्लागंज में कई सेटलमेंट की जानकारी मिली थी, वहां रहने वाले कई लोग खुद को असम के बारपेटा का बताते हैं, लेकिन कईयों को आसामी बोलना नहीं आता...
चूंकि कई बार हमारी टीम के सामने ही कुछ लोगों ने असामी बोलने का नाटक किया, इसलिए इस बार ग्लोबल भारत टीवी की टीम अपने साथ एक असामी ट्रांसलेटर को लेकर भी पहुंची, जिन्होंने कइयों की झूठ की पोल ऑन कैमरा खोली....एक तरफ हमारी पड़ताल चल रही है, तो दूसरी तरफ लखनऊ के निरालानगर में बुलडोजर एक्शन की भी ख़बर आई है...
यहां रेलवे की भूमि पर वर्षों से कब्जा जमाए अवैध बस्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. निरालानगर क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे बनी इन झुग्गी-झोपड़ियों पर रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर चलवाया, जिससे सैकड़ों अवैध निर्माण ध्वस्त हो गए.
यह संयुक्त अभियान रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) और जिला प्रशासन की टीमों ने मिलकर चलाया. अधिकारियों का कहना है कि ये बस्तियां रेलवे की बहुमूल्य भूमि पर अवैध रूप से बसी थीं, जिससे रेल संचालन और सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था. स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक दावों के अनुसार, इन बस्तियों में बड़ी संख्या में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिए बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे थे.
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न हो. प्रभावित परिवारों को पहले नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कई ने इसे नजरअंदाज कर दिया. बुलडोजर चलने से इलाके में हड़कंप मच गया, महिलाएं और बच्चे भावुक हो गए. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर की गई है.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से मुक्त हुई भूमि का उपयोग रेलवे के विकास कार्यों, जैसे ट्रैक विस्तार और स्टेशन सुधार में किया जाएगा. हाल के महीनों में लखनऊ में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का यह हिस्सा है, जिसमें कई क्षेत्रों में जांच और कार्रवाई हो रही है. यह कार्रवाई रेल यात्रियों की सुरक्षा और शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.