नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक अभियान ने एक बार फिर जोरदार वार किया है. पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 13 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया है, जिनमें दो बड़े नाम भी शामिल हैं.
पहली कामयाबी (मंगलवार): छत्तीसगढ़-तेलंगाना-आंध्रप्रदेश की त्रि-राज्य सीमा क्षेत्र में DRG और आंध्र पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में माओवादी केंद्रीय कमेटी (CCM) का कुख्यात सदस्य माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी माड़वी राजे सहित 6 नक्सली ढेर कर दिए गए. हिड़मा को इसी साल 30 नवंबर तक सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया गया था. गृह मंत्री विजय शर्मा खुद उसके घर जाकर उसकी मां से मिले थे और सरेंडर का संदेश रिकॉर्ड करवाया था, लेकिन हिड़मा ने हथियार नहीं डाले और अब वह हमेशा के लिए खामोश हो गया.
दूसरी कामयाबी (बुधवार): सुकमा जिले के घने जंगलों में आज सुबह फिर भारी मुठभेड़ हुई. इस बार सुरक्षा बलों ने 7 और नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया. मारे गए नक्सलियों में प्लाटून कमांडर जोगा उर्फ टेक शंकर भी शामिल है, जिसके सिर पर लाखों का इनाम था. मारे गए नक्सलियों में 4 पुरुष और 3 महिला कैडर हैं.
मुठभेड़ स्थल से जवानों ने 2 AK-47, एक INSAS सहित कुल 8 हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है. सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि यह लगातार दूसरा दिन है जब सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इन दो ऑपरेशनों से माओवादियों की कमर टूटने की कगार पर पहुंच गई है. आने वाले दिनों में और बड़े ऑपरेशन प्लान किए गए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार ने 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल-मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और इन सफलताओं ने उस दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है.