बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान, 5 मोर्चों पर एक साथ हमला!

Amanat Ansari 23 Apr 2025 10:15: PM 3 Mins
बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान, 5 मोर्चों पर एक साथ हमला!

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई, के बाद भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया. इस हमले को हाल के वर्षों में कश्मीर घाटी के सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है. भारत सरकार ने इस हमले के जवाब में पांच बड़े फैसले लिए, जिनमें 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को निलंबित करना और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत में प्रवेश पर रोक लगाना शामिल है. ये फैसले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक के बाद लिए गए. आइए, इन फैसलों और हमले के बारे में आसान भाषा में विस्तार से जानते हैं.

भारत के पांच बड़े फैसले

  • सिंधु जल समझौते का निलंबन: भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ सिंधु जल समझौता एक महत्वपूर्ण जल-बंटवारा समझौता है. यह समझौता सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के उपयोग को नियंत्रित करता है. भारत ने इस समझौते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह से बंद नहीं करता, यह समझौता लागू नहीं रहेगा.
  • अटारी-वाघा चेकपोस्ट बंद: भारत ने अटारी-वाघा सीमा पर स्थित एकीकृत चेकपोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है. यह चेकपोस्ट भारत और पाकिस्तान के बीच लोगों और सामान की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है. जिन लोगों ने वैध दस्तावेजों के साथ इस रास्ते से यात्रा की है, वे 1 मई 2025 तक इस रास्ते से वापस जा सकते हैं.
  • SAARC वीजा छूट योजना रद्द: SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) वीजा छूट योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में यात्रा की अनुमति नहीं होगी. पहले जारी किए गए सभी SAARC वीजा (SPES) को रद्द कर दिया गया है. अगर कोई पाकिस्तानी नागरिक इस वीजा के तहत भारत में है, तो उसे 48 घंटे के अंदर देश छोड़ना होगा.
  • सैन्य सलाहकारों की वापसी: भारत ने इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग से रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला किया है. साथ ही, नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा (अवांछित व्यक्ति) घोषित किया गया है. उन्हें एक सप्ताह के अंदर भारत छोड़ना होगा.
  • उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या कम: भारत और पाकिस्तान के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 कर दिया जाएगा. यह प्रक्रिया 1 मई 2025 तक पूरी होगी.

पहलगाम में क्या हुआ?

मंगलवार दोपहर, पहलगाम से करीब 5 किलोमीटर दूर बैसरण मेडो में 5-6 आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की. यह इलाका अपनी खूबसूरती के लिए मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से जाना जाता है और यहां केवल पैदल या घोड़े से पहुंचा जा सकता है. आतंकवादियों ने पाइन के जंगलों से निकलकर पिकनिक मना रहे लोगों, घोड़े की सवारी करने वालों और खाने-पीने की दुकानों पर मौजूद लोगों पर हमला किया. इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. मृतकों में संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल के दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग शामिल थे.

द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), जो पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक हिस्सा माना जाता है, ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकवादियों ने लोगों की धार्मिक पहचान पूछी और फिर गोलीबारी की. हमले की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सऊदी अरब यात्रा को बीच में छोड़कर दिल्ली लौट आए. दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की. इसके बाद CCS की बैठक में ये पांच बड़े फैसले लिए गए.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हमले के कुछ घंटों बाद श्रीनगर पहुंचे. उन्होंने पहलगाम में हमले की जगह का दौरा किया और पीtariffड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हमले को हाल के वर्षों में नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला बताया. 

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