Hantavirus on the Dutch cruise ship MV Hondius: डच क्रूज जहाज MV Hondius पर हंता वायरस से जुड़े मामलों ने चिंता बढ़ाई है. इस जहाज पर अलग-अलग देशों के यात्री मौजूद हैं और कुछ लोगों में संक्रमण पाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्ध या पुष्टि किए गए मामलों में निगरानी चल रही है. जहाज फिलहाल केप वर्ड के पास रुका हुआ है और वहां सख्त स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यह वायरस आम तौर पर चूहों जैसे कुतरने वाले जानवरों से फैलता है. हालांकि इस मामले में यह संभावना जताई गई है कि बहुत नजदीकी संपर्क, जैसे एक ही कमरे में लंबे समय तक साथ रहना, संक्रमण के फैलाव का कारण बन सकता है. यह स्थिति सामान्य नहीं मानी जाती और आम लोगों के लिए जोखिम अभी भी कम बताया गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि पहला संक्रमित व्यक्ति शायद जहाज पर चढ़ने से पहले ही वायरस के संपर्क में आ गया था. इसके बाद सीमित दायरे में संक्रमण फैल सकता है. यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के लिए जहाज पर सफाई, सैनिटाइजेशन और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का उपयोग किया जा रहा है. जिन लोगों में लक्षण दिख रहे हैं या जो मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
हंता वायरस एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में आता है. यह दो तरह की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. एक जो फेफड़ों को प्रभावित करती है और दूसरी जो किडनी पर असर डालती है और रक्तस्राव जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है.
इसके लक्षण संक्रमण के कुछ हफ्तों बाद सामने आते हैं. शुरुआत में यह सामान्य बुखार जैसा लगता है, जैसे तेज बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और थकान. कुछ लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं. गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत या किडनी से जुड़ी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं.
फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को इलाज के लिए बाहर ले जाया जा रहा है. कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सीमित और नियंत्रित स्थिति है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है.