Violence in Bengal: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भी सियासी माहौल शांत नहीं हुआ है. सत्ता को लेकर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं. ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि वह मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ेंगी, क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने हार नहीं मानी है.
उनके इस रुख पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस तरह का रुख संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है. उनका कहना था कि इस तरह के बयान राजनीतिक से ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाले लगते हैं और गंभीरता से नहीं लिए जा सकते.
देबजीत सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में हो रही हिंसा के पीछे असल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता ही हैं, जो खुद को बीजेपी समर्थक बताकर घटनाओं को अंजाम देते हैं, ताकि पार्टी की छवि खराब की जा सके. उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई घटना होती है, तो प्रशासन को इसकी जानकारी दी जाती है और कानून अपना काम करेगा.
इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि संविधान में सभी प्रक्रियाएं स्पष्ट हैं, इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी की जरूरत नहीं है. वहीं दिलीप घोष ने भी ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया में बयान देने से कुछ हासिल नहीं होगा, बल्कि जनता का फैसला ही अंतिम होता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक स्थितियां समय के साथ साफ हो जाएंगी और उसी के अनुसार निर्णय सामने आएंगे.