Who are the two drivers who turned the tide of Tamil Nadu politics: तमिलनाडु में विजय की पार्टी बहुमत से 11 सीट पीछे रह गई है, विजय के पिता एस. ए चंद्रशेखर कांग्रेस को गठबंधन का ऑफर दे रहे हैं, लेकिन दिक्कत ये है कि कांग्रेस के पास सिर्फ 5 सीटें हैं, बाकी के विधायक कहां से आएंगे... क्या सिनेमा के सुपरस्टार विजय सियासत में जोड़-तोड़ की राजनीति में भी सुपरहिट होंगे...
ख़बर है विजय ने राज्यपाल को लेटर लिखकर बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा है... जो काम आंध्र प्रदेश में एनटी रामा राव ने किया था, सिनेमा से सियासत में आकर सीएम तक बने, और यहां तक कि एमजी रामचंद्र राव ने जो काम तमिलनाडु में किया, वही इतिहास अब विजय ने दोहरा डाला है.. लेकिन इन सबके बीच दो ड्राइवर का किस्सा सबसे ज्यादा वायरल है, जिन्होंने तमिलनाडु की सियासत का दशकों पुराना तिलिस्म तोड़ दिया. ये तस्वीरें ध्यान से देखिए, ये हैं थलापति विजय के ड्राइवर राजेन्द्रन, जिनका विजय से नाता सिर्फ ड्राइवर और मालिक वाला नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव भी है.
विजय भी इन्हें इतना मानते हैं कि पार्टी बनाने के बाद इन्होंने सबसे पहले अपने ड्राइवर के बारे में सोचा और कहा कि विरुगंबक्कम सीट से सबरीनाथन TVK पार्टी के उम्मीदवार होंगे. इनके पिता 15 साल से मेरे साथ बतौर ड्राइवर जुड़े हैं, लेकिन अब उनका बेटा मेरे साथ राजनीति में होगा.
ये सुनते ही राजेन्द्रन और उनके बेटे की आंखों में आंसू आ गए, वो विजय से गले लगकर रोने लगे... तब किसी को अंदाजा नहीं था कि विजय का ये दांव पूरी सियासत पलट देगा....आज सबरीनाथन ने न सिर्फ जीत हासिल कर विधायक की कुर्सी ली है, बल्कि वो पूरे तमिलनाडु में चर्चा का विषय बने हुए हैं, और इनसे भी बड़ा नाम उस ऑटो ड्राइवर का है, जिसने स्टालिन सरकार की सत्ता हिला दी...दोनों विरोधी पार्टियों को धूल चटा डाली...
ये हैं ऑटो ड्राइवर के विजय दामु, जिन्हें थलापति विजय ने रॉयपुरम सीट से टिकट दिया था. जहां उन्होंने 14 हजार के मार्जिन से AIADMK के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री डी जयकुमार को बुरी तरह हराया, DMK के सुबैर खान जो पूर्व मंत्री रहमान खान के बेटे हैं, उन्हें तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया...जिसने स्टालिन की सनातन विरोधी मंत्रियों को ये समझा दिया कि तमिलनाडु की जनता स्टालिन की बातों में नहीं आने वाली...ये दो ऐसे उदाहरण हैं, जिसने दिल्ली की याद दिला दी है, जब केजरीवाल ने ऑटो चालकों को साथ लेकर शीला दीक्षित की बरसों पुरानी सत्ता पलट दी थी...और तमिलनाडु में भी कुछ ऐसा ही हुआ...जब फरवरी महीने में ही स्टालिन को ये एहसास हो गया कि सत्ता बचाना मुश्किल है...
तारीख थी 23 फरवरी 2026, थलापति विजय एक रैली करते हैं, जिसमें हाइवे पर 4 घंटे का जाम लगा, दीवानगी ऐसी कि लोग घंटों एक जगह खड़े होकर विजय को सुन रहे थे, और विजय ने साफ ऐलान किया था ‘ये चुनाव विजय Vs स्टालिन की लड़ाई है...ये वही तारीख थी जिसने स्टालिन सरकार की नींद उड़ा दी, उसके बाद स्टालिन ने सत्ता बचाने के लिए तमाम प्रपंच किए, पर तमिलनाडु की जनता ने न सिर्फ नकारा बल्कि उनके कई दिग्गज नेताओं को हरा डाला...और अब तमिलनाडु में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है.
पर सबसे बड़ी चुनौती बहुमत के बाद अपने वादों को पूरा करने की होगी... क्योंकि विजय ने हर बेटी की शादी में 8 ग्राम सोना और सिल्क की साड़ी देने का वादा किया है. करीब 60 फीसदी परिवार इस दायरे में आ सकते हैं, जिसमें 3000-4000 करोड़ बजट लगेगा. अब ये पैसा कहां से आएगा, तमिलनाडु जो पहले से कर्जे में है, वहां अपने-अपने बड़े-बड़े वादे विजय कैसे पूरा करेंगे, ये बड़ा सवाल है.