How did the BJP secure victory in Bengal: बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद विपक्षी नेताओं की धड़कनें बढ़ चुकी है, यूपी में अखिलेश से लेकर दिल्ली में केजरीवाल तक को अब और डर सताने लगा है, स्टालिन की हालत भी खस्ता हो चुकी है, ऐसा लगता है मानो इंडिया गठबंधन अपने आखिरी दौर की तरफ बढ़ रहा है...
ऐसे में आने वाले साल में जब यूपी में चुनाव होने वाले हैं, तो योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट काफी मायने रखता है..योगी को चुनौती विपक्ष के साथ-साथ अपनों से भी मिलती रही है, इसलिए इस चुनाव के नतीजों ने उनकी कुर्सी को और कितना सुरक्षित कर दिया है, ये समझना जरूरी हो जाता है...
आंकड़ों से समझें
यानि पूरी कहानी देखें तो योगी का स्ट्राइक रेट बिहार और दिल्ली के चुनाव की तरह ही बंगाल में भी रहा, उनके बुलडोजर का क्रेज वहां भी नजर आया...क्योंकि योगी ने सिर्फ हिंदी भाषी प्रदेशों की तरह गुंडे-माफियाओं और बुलडोजर मॉडल की बात नहीं की, बल्कि बंगाली भाषा में भी योगी ने चार नारे दिए, जो वहां के लोगों को खूब पसंद आया..
योगी ने इन नारों से बंगाल की जनता को जोड़ने का काम किया, और उसके बाद उन्होंने अपना वही मॉडल अपनाया, जो दिल्ली से लेकर बिहार तक के चुनाव में वो करते दिखे, एक तरफ हार्ड हिंदुत्व की बात तो दूसरी तरफ योगी मॉडल का जिक्र....योगी ने तो प्रचार के दौरान ही ये कह दिया था कि मौलाना क्या बक रहा है, ये छोड़ दो, गुंडे-माफियाओं की टेंशन मत लो, ये सब बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते दिखेंगे...
अब बीजेपी के कार्यकर्ता जिन्होंने वहां दशकों तक गुंडागर्दी का दंश झेला है, नतीजों के बाद रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रहे हैं, वो माफियाओं पर कार्रवाई होते देखना चाहते हैं. वो वहां कानून का राज स्थापित होते देखना चाहते हैं, जिसकी उम्मीद बीजेपी सरकार ने बंगाल की जनता में जगाई है, और जिसके दम पर उसने सत्ता पाई है...शायद यही वजह है कि बंगाल के मौलाना जो अवैध मदरसे चला रहे होंगे, घुसपैठिए और माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है...
पर एक बात तय है कि बंगाल में हिमंता या योगी मॉडल की बजाय एक नया मॉडल सेट करने की कोशिश बीजेपी कर सकती है, क्योंकि बीजेपी पर ये आरोप लगते रहे हैं कि वो सिर्फ हिंदुत्व को बढ़ावा देना चाहती है, खुद ममता बनर्जी कई तरीके के आरोप बीजेपी पर लगा चुकी हैं, बावजूद उसके वो चुनाव नहीं जीत पाईं, क्योंकि उन्हें जिस मुस्लिम वोटबैंक पर भरोसा था, वो वोटबैंक भी उन्हें एक तरीके से दगा दे गया...बसों और ट्रेनों में दूसरे राज्यों से भर-भरकर पहुंचे बंगाल के लोगों ने भी इस बार दीदी की बजाय मोदी को चुना, जिसके बाद मोदी दिल्ली में बंगाली धोती-कुर्ता पहने बीजेपी ऑफिस पहुंचे और सबका आभार जताते दिखे...और साफ कहा कि पहली कलम से वहां आयुष्मान योजना लागू होगी, घुसपैठियों पर कड़ा एक्शन होगा...पर कब इसका इंतजार सबको है...