नई दिल्ली: योगी के शहर में जिन तस्करों ने कानून तोड़ा है, दीपक गुप्ता नाम के लड़के के साथ अत्याचार किया है, उन सबके साथ क्या होने वाला है, इसका अंदाजा भी शायद कुछ लोग नहीं पाएंगे. इस बार सिर्फ बुलडोजर और संपत्ति जब्त वाली कार्रवाई से काम नहीं चलने वाला, क्योंकि जो हुआ है उसने गोरखपुर के हर मां-बाप को डराकर रख दिया है, घर के बाहर खुले में पशु बांधने वाले लोग भी सहमे हुए हैं कि रात को ऐसे तो कोई भी आएगा और जानवर चोरी कर चला जाएगा, फिर ऐसे लोगों को रोका कैसे जाएगा, क्या योगीराज में भी गांववालों को लाठी लेकर पहरा देना होगा. जिस उत्तर प्रदेश में कुछ वक्त पहले तक अपराधी लाइन लगाकर थानों में सरेंडर कर रहे थे, एनकाउंटर के डर से तख्तियां लटकाए घूम रहे थे, उस उत्तर प्रदेश में अचानक से ये बदलाव कैसे आया. आखिर वो तस्कर कौन है जो सीएम के गृह जिले में इस तरीके की हिमाकत कर रहा है. पूरी घटना 15 सितंबर की रात की है.
रात करीब 11 बजे, 10-12 पशु तस्कर दो गाड़ियों में भरकर गोरखपुर के मऊआचापी गांव पहुंचते हैं, गांव के एंट्री प्वाइंट पर ही उन्हें दुर्गेश गुप्ता नाम के व्यक्ति की दुकान दिखती है, सुनसान जगह देख लूट का इरादा बनाते हैं, दुकान का शटर उठाते हैं, तभी ऊपरी मंजिल पर सो रहा दुर्गेश का भांजा देखता है नीचे 10-12 लोग खड़े हैं, वो अपने मामा के बेटे दीपक को कॉल करता है, जो तुरंत स्कूटी से आता है, जैसे ही उन्हें रोकने की कोशिश करता है, वो उसे गाड़ी में डालकरले जाते हैं, गांववालों की भीड़ उनमें से एक तस्कर को पकड़ लेती है, और उसके थोड़ी देर बाद रात में ही दीपक की बॉडी मिलती है, गांववाले आरोप लगाते हैं तस्करों ने उसके मुंह में गोली मारकर फेंक दिया, जबकि पुलिस कहती है सिर कुचला गया है, मामला सीएम सिटी से जुड़ा था इसलिए योगी आदित्यनाथ की भी एंट्री होती है. और आनन-फानन में डीआईजी लेवल के अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं, इधर योगी पूरी रिपोर्ट लेते हैं, और आगे का एक्शन प्लान तैयार होता है.
जिसे लेकर बीजेपी विधायक शलभमणि त्रिपाठी समाजवादी पार्टी के सवाल उठाने वाले नेताओं पर निशाना भी साध रहे हैं, लेकिन दूसरों के अपराध को गिनवाकर अपने राज में होने वाली घटनाओं को कमतर नहीं कहा जा सकता. जिस हिसाब के हालात बीते कुछ समय में बने हैं, उसे देखते हुए कई लोग कहने लगे हैं कि कहीं ये अपराध साल 2027 में योगी सरकार के लिए भारी न पड़ जाए. आखिर जिस कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी को जनता ने सत्ता तक पहुंचाया था, वही कमजोर हो जाएगा तो फिर जनता क्यों वोट करेगी. इसीलिए योगी सरकार के लिए ये बड़ी चुनौती की तरह है, सूत्र दावा करते हैं योगी आदित्यनाथ इस घटना के बाद से बेहद गुस्से में हैं, अधिकारियों को उन्होंने साफ कहा जल्द से जल्द एक्शन लो और रिपोर्ट दो. पूरे उत्तर प्रदेश के पशु तस्करों की कुंडली इस बार खंगाली जा सकती है, जैसे भू माफियाओं पर शिकंजा कसा तो जमीन कब्जाने वालों की हवा टाइट हो गई, इस बार पूरे तस्करों के नेटवर्क का भांडाफोड़ होगा, शहर-शहर उनके पोस्टर लग सकते हैं और फिर जैसा योगी कहते हैं यूपी में उल्टा लटकाकर मिर्च का छौंका लगाया जाता है, अपराधियों के साथ ऐसा सलूक होने वाला है, जिसे सुनने के बाद कोई ऐसा करने की हिमाकत नहीं करेगा. आपके हिसाब से ऐसे अपराधियों पर क्या एक्शन होना चाहिए, अपनी राय भी दें.