नई दिल्ली: मुंबई और पुणे में नगर निगम चुनावों के ताजा रुझान काफी रोचक हैं. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन मजबूत बढ़त बनाए हुए है, जबकि पुणे में ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज ठाकरे) की उम्मीदों को करारा झटका लगा दिख रहा है. कुल 227 वार्डों में से भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन के उम्मीदवार अब तक 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रहे हैं (कुछ रुझानों में 118+ तक का आंकड़ा).
भाजपा अकेले कई दर्जन वार्डों में आगे
भाजपा अकेले कई दर्जन वार्डों में लीड कर रही है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना भी अच्छी संख्या में आगे है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे का गठबंधन पीछे चल रहा है, जहां वे संयुक्त रूप से 60-70 वार्डों के आसपास ही मजबूत दिख रहे हैं. कांग्रेस और अन्य छोटे दल बहुत कम सीटों पर आगे हैं. यह रुझान भाजपा गठबंधन को बहुमत (114+) की ओर ले जा रहा है, जिससे मुंबई में पहली बार भाजपा का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है.
पुणे महानगरपालिका में भी भाजपा मजबूत
कुल 165 वार्डों में भाजपा सबसे आगे है, जहां वे 50-60 से ज्यादा सीटों पर लीड कर रही है. अजित पवार गुट की एनसीपी कुछ सीटों (7-20 के बीच) पर आगे है, लेकिन भाजपा से काफी पीछे. ठाकरे भाइयों (शिवसेना UBT और मनसे) का यहां खाता तक नहीं खुल पाया है या बहुत कम सीटों पर ही संभावना दिख रही है. शरद पवार गुट की एनसीपी और अन्य दल भी सीमित प्रभाव दिखा रहे हैं. पुणे में भाजपा की स्पष्ट बढ़त साफ नजर आ रही है, जो महायुति की मजबूती को दर्शाती है.
एकनाथ शिंदे के गढ़ में भी भाजपा आगे
एकनाथ शिंदे का गढ़ माने जाने वाले ठाणे में भी उनकी शिवसेना और भाजपा गठबंधन आगे है (करीब 30-40 सीटों पर लीड), जबकि उद्धव गुट और अन्य बहुत पीछे हैं. ये सभी आंकड़े शुरुआती और चल रहे रुझानों पर आधारित हैं (जनवरी 16, 2026 दोपहर तक के अपडेट्स). राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अभी कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए गिनती पूरी होने तक बदलाव संभव हैं. कुल मिलाकर महाराष्ट्र के इन बड़े शहरों में भाजपा-शिंदे गठबंधन का पलड़ा भारी दिख रहा है, जबकि ठाकरे भाइयों की एकजुटता का असर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है.