लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत इन दिनों अयोध्या के इर्द-गिर्द घूम रही है. एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अखिलेश यादव को अयोध्या से आमने-सामने चुनाव लड़ने की चुनौती दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को इसका जोरदार पलटवार किया.
जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र में लोकनायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “अहंकारी लोग पवन के झोंके में उड़ जाएंगे. किसका टिकट पहले तय किया गया? वह अयोध्या से पवन पांडेय हैं.” उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “बताइए, क्या मुख्यमंत्री (चुनाव के) टिकट बांटते हैं? उन्हें (योगी आदित्यनाथ को) भी टिकट पाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है.
इतना ही नहीं, उन्हें दूसरों को टिकट दिलाने के लिए भी गुहार लगानी पड़ती है. जिसे खुद यह पक्का नहीं है कि उसे टिकट मिलेगा या नहीं, वह दूसरों को टिकट दिलाने की बात कर रहा है. पहले अपना टिकट पक्का करवाइए, फिर मुझे चुनौती दीजिए.” अखिलेश यादव ने दावा किया कि अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से उनकी पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडेय प्रतिद्वंद्वियों को हराएंगे.
गौरतलब है कि इससे पहले सीएम योगी ने बलरामपुर की एक जनसभा में अखिलेश यादव की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा था कि अखिलेश अयोध्या से नामांकन दाखिल करें, वे भी वहां से चुनाव लड़ेंगे. योगी ने कहा था कि लड़ाई प्यादों से नहीं, आमने-सामने होनी चाहिए. अयोध्या अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी अखाड़ा बन चुका है. दोनों नेताओं के बीच चुनौती-प्रतिचुनौती का यह सिलसिला जारी है.