लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM यूपी में सक्रिय हो उठी है. पार्टी अब तीसरा मोर्चा बनाने का विकल्प तलाश रही है, जिससे अखिलेश यादव की टेंशन बढ़ सकती है. यूपी में बड़ी संख्या में मुस्लिम वोट बैंक मौजूद है, जो पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी को जाता रहा है. अब ओवैसी की नजर इसी वोट बैंक पर है.
हाल के दिनों में श्रावस्ती, बहराइच और आजमगढ़ जैसे जिलों में जनसभाएं कर उन्होंने मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कोशिश तेज कर दी है. अगर मुस्लिम वोट सपा से छिटकता है तो अखिलेश यादव के लिए चुनौती और बढ़ जाएगी. AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि पार्टी गैर-एनडीए और इंडिया गठबंधन से इतर विकल्प तलाश रही है. क्षेत्रीय दलों और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर तीसरा मोर्चा बनाने की दिशा में काम चल रहा है.
उन्होंने बताया कि पार्टी मुद्दों की राजनीति करती है और गरीब-कमजोर तबके को जोड़ रही है. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में AIMIM ने करीब 95 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि कोई सीट नहीं जीत सकी, लेकिन कई जगहों पर चुनाव प्रभावित करने में सफल रही.
इस बार पार्टी ने बहराइच की मटेरा और श्रावस्ती की भिनगा सीट से अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए हैं. फोकस मुख्य रूप से पूर्वांचल के जिलों पर है, जहां संगठन को सक्रिय किया जा रहा है. ओवैसी की यह सक्रियता यूपी की सियासी बिसात पर नया मोड़ ला सकती है.