रामपुर: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में वरिष्ठ नेता आजम खान से लगभग दो घंटे तक गहन चर्चा की. मुलाकात के बाद अखिलेश ने मीडिया को संबोधित करते हुए आजम को पार्टी का एक प्रमुख पुराना सदस्य बताया. उन्होंने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही और भविष्य में ऐसी और भी बैठकों का सिलसिला चलेगा. अखिलेश ने स्पष्ट किया कि वे आजम के हालात जानने और निजी तौर पर बात करने के इरादे से आए थे.
जेल में मुलाकात संभव न होने के कारण यह घर पर हुई, और वे अकेले ही पहुंचे. आजम को सपा का ऐसा नेता करार देते हुए, जिनकी जड़ें पार्टी में गहरी हैं, अखिलेश ने उनकी स्थिति पर संतोष जताया. कानूनी मुद्दों पर बोलते हुए अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि आजम, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्लाह पर इतने झूठे मामले थोपे गए हैं कि उनकी संख्या गिनीज रिकॉर्ड्स में जगह बना सकती है. अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा ने आजम के पूरे राजनीतिक परिवार को लक्ष्य बनाया है.
उन्होंने वादा किया कि 2027 में सपा की सरकार सत्ता में आते ही ये सभी फर्जी केस रद्द कर दिए जाएंगे. भविष्य की राजनीति पर अखिलेश ने उत्साह भरा बयान दिया. उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2027 के चुनावों में सपा और पीडीए गठबंधन की सरकार बनेगी. जनता इस बार भाजपा को करारी हार देगी, जबकि सपा न्याय की जंग लड़ते हुए संगठन को मजबूत बनाए रखेगी. अखिलेश ने कहा कि जनता अब आगे बढ़ेगी, भाजपा पीछे छूट जाएगी. सुप्रीम कोर्ट से जुड़े हालिया विवाद पर अखिलेश ने कड़ा रुख अपनाया.
उन्होंने चीफ जस्टिस बीआर गवई पर हमले की कोशिश को एक खास समुदाय को बदनाम करने की साजिश बताया. पीडीए समाज के लोगों के खिलाफ बड़ी चालबाजियां रची जा रही हैं, जिससे वे अपमानित महसूस कर रहे हैं. अखिलेश ने जोर देकर कहा कि कोई भी पीडीए समाज को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता. आजम खान द्वारा स्थापित जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए अखिलेश ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आजम शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे थे, लेकिन भाजपा वाले सब कुछ तबाह करने पर तुले हैं. जनता अब भाजपा के खिलाफ खड़ी हो जाएगी.