जंतर-मंतर हिंसा कोई आम प्रदर्शन नहीं, सुनियोजित साजिश! AAP, सपा और भीम आर्मी पर आरोप, स्पेशल सेल कर रही जांच

Amanat Ansari 01 Aug 2026 11:15: AM 1 Mins
जंतर-मंतर हिंसा कोई आम प्रदर्शन नहीं, सुनियोजित साजिश! AAP, सपा और भीम आर्मी पर आरोप, स्पेशल सेल कर रही जांच

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा अब साधारण छात्र गुस्से की घटना नहीं रह गई है. दिल्ली पुलिस ने इसे राजनीतिक साजिश का मामला मानते हुए स्पेशल सेल को सौंप दिया है. एफआईआर में आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (SP) और भीम आर्मी के नाम शामिल किए गए हैं.

लगाई गई गंभीर धाराएं

  • एफआईआर में कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास)
  • धारा 61 (आपराधिक साजिश)
  • धारा 191(2,3) (दंगा और घातक हथियार)
  • धारा 181 (गैरकानूनी सभा)
  • धारा 121 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकना)
  • आर्म्स एक्ट की धारा 25(1एबी) (पुलिस का हथियार छीनना)
  • दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 3

राजनीतिक दलों की भूमिका का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हिंसा अचानक छात्रों का गुस्सा नहीं था. बल्कि इसमें संगठित तरीके से भीड़ को उकसाया गया. संसद मार्ग थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, तीनों पार्टियों के लोग भीड़ को संबोधित करते रहे और उन्हें आक्रामक बनाने की कोशिश की. 16 मई से जब सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) का गठन हुआ, तब से 20 जुलाई की सुबह तक AAP के नेताओं ने भीड़ को बार-बार संबोधित किया. इसी उकसावे के बाद भीड़ ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ी, पुलिस पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया.

एफआईआर में क्या लिखा है?

एफआईआर में साफ तौर पर कहा गया है कि यह सुनियोजित साजिश थी. असामाजिक तत्वों ने भीड़ को उकसाते हुए कहा कि सुरक्षाकर्मियों के सिर पर लाठियां और पत्थर मारो, पुलिस वालों के सिर फोड़ो. इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई. पुलिस ने इस मामले में 21 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, लेकिन इस खास एफआईआर में राजनीतिक दलों की भूमिका का जिक्र है.

जांचकर्ताओं के पास सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत और इंटरनेट सामग्री उपलब्ध हैं, जिनमें तीनों दलों की भागीदारी दिख रही है. पुलिस का कहना है कि बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई थी. पहले संसद मार्ग थाने के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार इसकी जांच कर रहे थे. अब मामले की निष्पक्ष और गहरी जांच के लिए इसे स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही इन पार्टियों के नेताओं को नोटिस भेजकर पूछताछ कर सकती है.

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