लखनऊ। डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पासी समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांसगांव लोकसभा से सांसद एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद अशोक रावत ने की, जबकि संचालन सांसद जय प्रकाश रावत द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान कमलेश पासवान ने कहा कि पासी समाज के क्रांतिवीरों ने जो जागरूकता की मशाल जलाई थी, उसे किसी भी कीमत पर बुझने नहीं देना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहने और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पासी समाज का उत्थान उनके जीवन का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने अवध क्षेत्र के महान योद्धाओं—मदारी पासी, महराज बिजली पासी, सुहेलदेव पासी, उदा देवी पासी और लाखन पासी—के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने समाज को जागरूक करने और सम्मान दिलाने का काम किया।
कमलेश पासवान ने यह भी कहा कि उनके पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश पासवान का भी समाज को संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए “लखपति दीदी” जैसी पहल चलाई जा रही है, जिसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों में बाबा साहब को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनके विचारों और योगदान को सम्मान दिलाने का कार्य किया है।
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयास और नई पीढ़ी को शिक्षित करना बेहद जरूरी है।