नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी. केंद्र सरकार ने NIA को इस मामले में केस दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है. 30 सितंबर को दुबई से रवाना हुई फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में यह घटना हुई. विमान में 174 यात्री और 6 क्रू सदस्य सवार थे. उड़ान के दौरान ओमानी फर्स्ट ऑफिसर (को-पायलट) ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया.
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह हमला विमान का हाईजैक करने या उसे क्रैश कराने की कोशिश के रूप में सामने आया. कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरी चोटें आईं. यात्रियों और क्रू सदस्यों ने को-पायलट को काबू में कर लिया. इसके बाद अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और इसे सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया. को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया.
NIA क्यों कर रही जांच?
केंद्र सरकार के अनुसार, इस घटना में भारतीय नागरिक पर हमला हुआ और एंटी-हाईजैकिंग एक्ट 2016 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत अपराध सामने आए हैं. ये अपराध NIA एक्ट के अंतर्गत अनुसूचित अपराध हैं.
सरकार का कहना है कि घटना के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए विस्तृत जांच जरूरी है, ताकि किसी बड़ी साजिश का पता चल सके. NIA हमले की परिस्थितियों, विमान के अंदर की घटनाओं और संभावित साजिश की जांच करेगी. कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की पहले भी कई देशों ने सराहना की थी. अब NIA की जांच से मामले की और परतें खुलने की उम्मीद है.