नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के आरोप में मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने उनके खिलाफ लंबित आपराधिक शिकायत पर दिल्ली पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई में देरी हुई तो वे दोबारा दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेंगी.
क्या है मामला?
अमिता सचदेवा ने ध्रुव राठी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत शिकायत दर्ज कराई हुई है. आरोप है कि उनके वीडियो में भगवान श्री राम और माता सीता समेत हिंदू देवी-देवताओं के बारे में गलत जानकारी फैलाई गई है, जिससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं.
अधिवक्ता ने एक वीडियो जारी कर कहा कि शिकायत अपीलीय समिति और दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही अपने आदेशों में कह चुके हैं कि उनके वीडियो से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिल्ली पुलिस को कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था, जिसका अभी तक पालन नहीं किया गया है.
पुलिस की जांच
दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने कोर्ट को बताया था कि जांच जारी है. इलेक्ट्रॉनिक सबूत और अकाउंट संबंधी जानकारी के लिए गूगल और यूट्यूब से संपर्क किया जा चुका है. पुलिस ने स्वीकार किया था कि वीडियो में देवी-देवताओं को लेकर कथित रूप से अपमानजनक और आपत्तिजनक बातें की गई हैं.
जुलाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की थी. गूगल ने कोर्ट को सूचित किया था कि ध्रुव राठी के विवादित वीडियो का प्रसार भारत में रोक दिया गया है. अमिता सचदेवा का आरोप है कि वीडियो में हिंदू धर्मग्रंथों को गलत तरीके से पेश किया गया है, खासकर खान-पान की आदतों को लेकर. वे इसे अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बताती हैं. ध्रुव राठी इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में सक्रिय हैं. ऐसे में यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है.