मुंबई: डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली प्रदर्शन का समर्थन किया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए ''तानाशाही'' का सहारा लेने का आरोप लगाया. प्रकाश अंबेडकर ने शनिवार को कहा कि राजनीतिक दलों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन जिस तरह इस आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है, वह तानाशाही के बराबर है. उन्होंने ट्रेनें रद्द करने और मेट्रो स्टेशन बंद करने जैसी पाबंदियों को लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की साजिश बताया.
क्या कहा अंबेडकर ने?
उन्होंने कहा, ''सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए और लोगों की बात सुननी चाहिए. आप इस देश के मालिक नहीं हैं. लोगों ने आपको पांच साल के लिए चुना है. शांति से शासन करो, लेकिन तानाशाही का रास्ता मत अपनाओ.'' प्रकाश अंबेडकर ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके से अपील की कि वे आंदोलन से पीछे न हटें. उन्होंने कहा, ''अभिजीत दिपके को अब पीछे नहीं हटना चाहिए. अगर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया जाए, FIR दर्ज हो या जेल भेज दिया जाए, तो भी संघर्ष जारी रखना चाहिए. एक बार संघर्ष शुरू किया तो उसे अंत तक ले जाना चाहिए.''
कांग्रेस पर भी निशाना
अंबेडकर ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सभी विपक्षी दलों और संगठनों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना चाहिए. मुद्दे को सिर्फ चुनावी फायदे-नुकसान की नजर से नहीं देखना चाहिए. उन्होंने मुंबई के हुतात्मा चौक पर जमावड़े का आह्वान भी किया. प्रकाश अंबेडकर का कहना था कि इमरजेंसी और मंडल आयोग आंदोलन के दौरान भी सरकार ने इतनी सख्ती नहीं दिखाई थी.
उन्होंने चेतावनी दी कि निरंतर दमन लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा बन सकता है. CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है, जिसमें वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और फॉर्म-6 में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया जा रहा है.