हाल ही में बिहार सरकार ने 15 जून के बाद बालू खनन पर रोक लगा दिया है, जिसके बाद बालू माफियाओं की काली करतूत सामने आने लगी है और सभी माफिया अवैध खनन में जुट गए है. इसी बीच बिहार के नवादा से बड़ी घटना निकलकर सामने आया है.
यहां बालू माफिया ने दारोगा को भी नहीं बख्शा और दारोगा पर ही ट्रैक्टर चढ़ा दिया है, जिसके बाद उक्त दारोगा गंभीर रूप से घायल हो गए. उसे तत्काल स्थानीय सरकारी अस्पात में भर्ती कराया गया है, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया.
डॉक्टरों ने दारोगा को बेहतर इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया है. पिछले दिन भी पश्चिम चंपारण में बालू माफियों ने पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया था और दारोगा सहित पुलिस कर्मियों पर तलवार से हमला कर दिया था. इस दौरान एक दारोगा की उंगली कट गई थी, जिसे अस्पताल में भर्ती करया गया है.
बता दें कि राज्य में यह पहली घटना नहीं है, जब किसी पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया गया हो. इससे पहले बिहार के जमुई में भी एक पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया गया था. इस घटना में दारोगा प्रभात रंजन की मौत हो गई थी. बता दें कि बालू खनन पर रोक लगाने के आदेश के बाद से ही बालू माफिया बौखालए हुआ है और आम से लेकर खास लोगों को निशाना बना रहा है.