पूर्वांचल के माफिया डॉन रहे Mukhtar Ansari की चर्चित हवेली ‘फाटक’ एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बने उनके विधायक बेटे Abbas Ansari, जिनके खिलाफ पुलिस ने देर रात कार्रवाई की।
रविवार रात गाजीपुर के मोहम्मदाबाद स्थित ‘फाटक’ हवेली पर पुलिस की कई गाड़ियां पहुंचीं। करीब 20 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे CO सुधाकर पांडेय ने दरवाजा खुलवाया। बताया जा रहा है कि करीब 15 मिनट तक गेट नहीं खोला गया, जिसके बाद पुलिस ने सख्त चेतावनी दी।
दरवाजा खुलने के बाद पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई और वहां अब्बास अंसारी मौजूद मिले। इसके बाद पुलिस अधिकारियों और अब्बास अंसारी के बीच लंबी बातचीत हुई।
CO सुधाकर पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से केवल तीन दिनों तक वहां रुकने की अनुमति मिली थी, जिसकी अवधि 15 मई को समाप्त हो गई। उन्होंने पूछा कि अब किस आदेश के तहत वह हवेली में रह रहे हैं।
इस पर अब्बास अंसारी ने जवाब दिया कि सुप्रीम कोर्ट की रोक केवल मऊ में रहने को लेकर थी, मोहम्मदाबाद के लिए नहीं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित केस हाईकोर्ट से समाप्त हो चुका है और उन्होंने मऊ के DM-SP को इसकी सूचना भी दे दी थी।
बातचीत के दौरान अब्बास अंसारी ने यह भी कहा कि अगर कोई दिक्कत थी तो फोन पर बात की जा सकती थी। वहीं CO ने नए गनर दिए जाने और पुराने गनर हटाए जाने पर भी सवाल पूछे।
यह पूरी कार्रवाई उस हवेली में हुई जिसे कभी मुख्तार अंसारी के नेटवर्क का सबसे बड़ा ठिकाना माना जाता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसी ‘फाटक’ से पूर्वांचल की राजनीति और अपराध जगत की कई रणनीतियां तय होती थीं।
Yogi Adityanath सरकार बनने के बाद मुख्तार अंसारी परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती रही हैं। अब्बास अंसारी पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं और उनकी विधायकी को लेकर पहले भी विवाद खड़े हो चुके हैं।
अब इस कार्रवाई के बाद चर्चा तेज है कि अगर कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो अब्बास अंसारी की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राजनीतिक हलकों में इसे आने वाले चुनावों से पहले बड़ा संकेत माना जा रहा है।