नई दिल्ली: असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन का तांडव मचाया है. शनिवार को अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा में 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 17 जिलों में 78,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एएसडीएमए) के अनुसार, कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में भूस्खलन से पांच लोगों की जान गई, जबकि बाढ़ ने गोलाघाट में दो और लखीमपुर में एक व्यक्ति की जान ली. गुवाहाटी में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जहां कई इलाके लगातार दूसरे दिन भी पानी में डूबे रहे. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया और कई निवासियों को अपने जलमग्न घर छोड़ने पड़े, जहां पानी और बिजली की आपूर्ति ठप हो गई.
प्रभावित जिले और राहत कार्य
बाढ़ से प्रभावित 17 जिलों में धेमाजी, साउथ सलमारा, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, दरंग, नगांव, करबी आंगलांग, कामरूप, बिस्वनाथ, तिनसुकिया और पश्चिम करबी आंगलांग शामिल हैं. इनमें से पांच जिले शहरी बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें कामरूप, डिब्रूगढ़, दरंग, कछार और कामरूप मेट्रोपॉलिटन शामिल हैं. लखीमपुर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 41,600 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं. एएसडीएमए के अनुसार, 58,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं, और 1,224 लोग पांच राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं. इसके अलावा, 11 राहत वितरण केंद्र भी काम कर रहे हैं. शहरी बाढ़ से लगभग 21,000 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें कछार जिले में 12,300 लोग शामिल हैं.
नदियों का बढ़ता जलस्तर
लगभग सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं. ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ़ में, रंगनदी लखीमपुर में, धनसिरी नुमालीगढ़ में, जिया भरोली सोनितपुर में, कोपिली कांपपुर में और बेकी बारपेटा में खतरे के निशान के आसपास है. क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, धुबरी, कोकराझार और बोंगाईगांव में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका मतलब है भारी से बहुत भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं. साउथ सलमारा, गोलपारा, चिरांग, बक्सा, बारपेटा, बाजली, डिमा हसाओ और कछार में 'ऑरेंज अलर्ट' है, जो लोगों को सतर्क रहने और कार्रवाई के लिए तैयार रहने की सलाह देता है.
राहत और बचाव कार्य जारी
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन सेवाएं राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है. सात जगहों पर तटबंध टूटने या क्षतिग्रस्त होने की खबर है, साथ ही घरों, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है. गुवाहाटी के रुक्मिणीगांव इलाके में एक व्यक्ति की अंतिम संस्कार के लिए शव को केले के तने के सहारे घर से निकालने का वीडियो वायरल हुआ, जिसने सरकार के बाढ़ नियंत्रण उपायों पर सवाल उठाए.
सीएम हिमंता ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि भारी बादल छाए रहने के कारण राज्य में "असामान्य स्थिति" बनी हुई है. अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में भारी बारिश ने असम, खासकर गुवाहाटी में स्थिति को और बिगाड़ दिया है. शहरी विकास मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने गुवाहाटी के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और सरकारी आपातकालीन उपायों की समीक्षा की. कामरूप और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिलों के सरकारी कर्मचारियों के लिए शनिवार को विशेष अवकाश घोषित किया गया, और दोनों जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद रहे. भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण गुवाहाटी हवाई अड्डे की उड़ानें भी प्रभावित हुईं.