नई दिल्ली : असम की 31 जेलों में पिछले चार महीनों के दौरान 226 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने का मामला सामने आया है. ये मामले असम राज्य एड्स नियंत्रण समिति (ASACS) की ओर से चलाए गए विशेष HIV स्क्रीनिंग अभियान के दौरान सामने आए. बड़ी संख्या में कैदियों के संक्रमित मिलने के बाद राज्य सरकार ने जेलों में संक्रमण की स्थिति को लेकर गंभीरता दिखाई है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जेल परिसर के भीतर किसी कैदी के संक्रमित होने की परिस्थितियों की गहन जांच के आदेश दिए हैं. सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संक्रमण जेल में रहने के दौरान हुआ या कैदी पहले से ही एचआईवी से संक्रमित थे.
स्वास्थ्य और जेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 95 प्रतिशत मामले नशीली दवाओं के इंजेक्शन के इस्तेमाल से जुड़े हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर कैदी जेल में आने से पहले ही संक्रमित हो चुके थे. नियमित और विशेष स्क्रीनिंग के दौरान इन मामलों की पहचान हुई है.
226 HIV पॉजिटिव कैदियों में से 202 को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) पर रखा गया है. संक्रमित कैदियों को समय पर इलाज और दवाएं मिलती रहें, इसके लिए ART टीमों को जेलों में जाकर सेवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं. जेल सुरक्षा नियमों के चलते कैदियों को अस्पताल या ART केंद्र तक ले जाने के बजाय टीमों को जेल परिसर में ही दवाएं और काउंसलिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि HIV संक्रमण को लेकर कैदियों की स्क्रीनिंग और इलाज की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. साथ ही, नशीली दवाओं के इंजेक्शन के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को कम करने और कैदियों में HIV से बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकार की प्राथमिकता संक्रमित कैदियों को नियमित उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जेलों के भीतर संक्रमण की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है.